अपराध गोष्ठी में हजारीबाग एसपी के तीखे तेवर, थानेदारों को अल्टीमेटम - 60 दिनों में निपटाएं महिला उत्पीड़न के मामले, माफियाओं पर लगेगा सीसीए
हजारीबाग।
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में जिले की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कड़े तेवर दिखाए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित इस अहम बैठक में एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि काम में कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से महिला प्रताड़ना, हिंसा और अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े संवेदनशील मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए निर्देश दिया कि ऐसे कांडों में अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें और हर हाल में साठ दिनों के भीतर इनका निष्पादन करें।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने वर्ष 2026 से पूर्व के लंबित सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का फरमान सुनाया। उन्होंने साफ कहा कि पुराने मामलों का बोझ खत्म करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही चोरी, लूट, छिनतई और गृहभेदन जैसी घटनाओं में शामिल फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती के लंबित मामलों को लेकर भी एसपी ने थानेदारों को टास्क सौंपा है कि वे एक विशेष ड्राइव चलाकर इनकी तामिला सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
जिले में संगठित अपराध और अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए एसपी ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। उन्होंने निर्देश दिया कि संगठित गिरोहों, अवैध खनन माफियाओं और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध कोयला, बालू और पत्थर उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर छापेमारी करने को कहा गया है। इसके अलावा अफीम की खेती और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की सूची बनाकर उन्हें जेल भेजने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
आगामी सरस्वती पूजा को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अभी से ही सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि पूर्व में हुए विवादों और सांप्रदायिक घटनाओं में शामिल रहे असामाजिक तत्वों को पहले ही चिन्हित कर लिया जाए ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर भी एसपी ने चिंता जताई और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन का आदेश दिया। बैठक के अंत में उन्होंने पुलिस की छवि सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि सभी थानेदार अपने थानों में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें और समय सीमा के भीतर उनका समाधान करें, ताकि पुलिस और पब्लिक के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हो सके।

