हजारीबाग के जंगलों में 'सफेद जहर' पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, ड्रोन की नजर से 200 एकड़ में फैले अफीम साम्राज्य का पर्दाफाश, 50 एकड़ फसल मौके पर खाक
हजारीबाग/चौपारण।
हजारीबाग पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत सुदूरवर्ती और दुर्गम ग्राम अंजन में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े अभियान के तहत लगभग 50 एकड़ में लहलहा रही अवैध अफीम की फसल को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई ने इलाके में सक्रिय नशा तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
इस अभियान की सबसे खास बात आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग रही। पुलिस ने घने जंगलों और दुर्गम रास्तों की आड़ में छिपे अफीम के खेतों को ढूंढने के लिए ड्रोन सर्विलांस का सहारा लिया। ड्रोन सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अंजन क्षेत्र के लगभग 200 एकड़ भू-भाग पर अवैध अफीम की खेती की गई है। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की और मौके पर ही 50 एकड़ फसल को विनष्ट कर दिया, साथ ही सिंचाई के लिए बिछाए गए आठ डिलीवरी पाइपों को भी ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले तीन दिनों के भीतर शेष बचे 150 एकड़ में लगी फसल को भी पूर्ण रूप से नष्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूर्व में इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विनष्टीकरण की कार्रवाई न होने के कारण तस्करों और माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए थे, लेकिन अब प्रशासन ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने की ठान ली है। पुलिस अब उन भू-माफियाओं और रैयतों का सत्यापन कर रही है जिन्होंने अपनी जमीन पर यह अवैध खेती की या करवाई है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस सघन छापेमारी अभियान में एसडीपीओ बरही के अलावा पुलिस निरीक्षक बरही अंचल चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, वनपाल कुलदीप कुमार समेत भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल और वन विभाग के कर्मी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में मादक पदार्थों की खेती और तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ड्रोन तकनीक के माध्यम से ऐसे दुर्गम इलाकों की निगरानी कर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

