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Editor: Naresh Prasad Soni
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अजीत दादा का आकस्मिक निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक, कहा- जनसेवा को समर्पित एक और अध्याय का अंत

अजीत दादा का आकस्मिक निधन,


प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक, कहा- जनसेवा को समर्पित एक और अध्याय का अंत

नरेश सोनी विशेष संवाददाता | नई दिल्ली/मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति को आज एक गहरा आघात लगा है। जननेता और कुशल प्रशासक अजीत पवार का आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुखद समाचार ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों को भी स्तब्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए, विशेषकर महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अजीत पवार के साथ अपने पुराने संस्मरणों को साझा किया और उन्हें एक सच्चे जननायक के रूप में याद किया।

प्रधानमंत्री ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि अजीत पवार जनता से सीधे जुड़े हुए नेता थे जिनका नाता समाज के अंतिम व्यक्ति तक था। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जो सदैव जनसेवा के कार्यों में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते थे, जिसके कारण उन्हें व्यापक जनसमर्थन और आदर प्राप्त था। प्रधानमंत्री ने उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए बताया कि अजीत पवार को प्रशासनिक मामलों की अद्भुत और सूक्ष्म समझ थी। शासन चलाने की उनकी दक्षता और गरीब तथा वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए उनकी तड़प विशेष रूप से उल्लेखनीय थी। उनका पूरा जीवन आम जनमानस की समस्याओं को सुलझाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में समर्पित रहा।

उनके इस तरह अचानक चले जाने को प्रधानमंत्री ने अत्यंत धक्कादायक और पीड़ादायी बताया है। उन्होंने कहा कि एक मेहनती और समर्पित व्यक्तित्व का यूं असमय जाना अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में प्रधानमंत्री ने अजीत पवार के परिजनों और उनके असंख्य समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। अजीत पवार के जाने से भारतीय राजनीति ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी पकड़ जमीन पर जितनी मजबूत थी, प्रशासनिक गलियारों में उतनी ही प्रभावशाली थी।

हजारीबाग में लोकतंत्र के महापर्व का शंखनाद: 36 वार्डों और महापौर पद के लिए बिछ गई सियासी बिसात, बैलेट पेपर से तय होगा शहर की सरकार का भविष्य


हजारीबाग में लोकतंत्र के महापर्व का शंखनाद: 36 वार्डों और महापौर पद के लिए बिछ गई सियासी बिसात, बैलेट पेपर से तय होगा शहर की सरकार का भविष्य

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

हजारीबाग

​हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही प्रशासनिक महकमे ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने हेतु अपनी कमर कस ली है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से चुनावी कार्यक्रम की विधिवत घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस बार लोकतंत्र के इस उत्सव में ईवीएम की जगह मतपत्रों की पुरानी और विश्वसनीय पद्धति का उपयोग किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्ड पार्षदों और महापौर पद के लिए होने वाले इस चुनाव में 1,77,437 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहर की सरकार चुनेंगे। प्रशासनिक घोषणा के अनुसार चुनावी समर का आगाज नामांकन प्रक्रिया के साथ होगा और आगामी 23 फरवरी को मतदान तथा 27 फरवरी को मतगणना के साथ जनादेश सार्वजनिक किया जाएगा।

​जिला निर्वाचन पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने चुनावी बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि महापौर पद के प्रत्याशियों के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र तथा वार्ड पार्षदों के लिए श्वेत रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है, जो मतपेटियों में बंद होकर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेगा। धनबल के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने हेतु आयोग ने व्यय सीमा भी निर्धारित कर दी है, जिसके तहत महापौर पद के उम्मीदवार अधिकतम पंद्रह लाख रुपये तथा वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी तीन लाख रुपये तक ही चुनावी खर्च कर सकेंगे। नामांकन शुल्क के रूप में सामान्य वर्ग के महापौर प्रत्याशियों को पांच हजार और आरक्षित वर्ग को ढाई हजार, जबकि वार्ड पार्षद हेतु सामान्य को एक हजार और आरक्षित वर्ग को पांच सौ रुपये जमा करने होंगे। चुनाव की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए 1 अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची को आधार माना गया है।

​दूसरी ओर, विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन


ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी असमाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में कुल 160 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। मतदाताओं में विश्वास बहाली हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च और वल्नरेबल पॉकेट्स में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। अवैध शराब और नकदी के प्रवाह को रोकने के लिए एफएसटी और एसएसटी की टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि भयमुक्त वातावरण में प्रत्येक नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।

इचाक की धरती पर गूंजा 'जननायक' का जयघोष: पूंजीवाद के शोर में समाजवाद की मशाल जलाने का आह्वान, कहा- वंचितों की आवाज थे कर्पूरी

इचाक की धरती पर गूंजा 'जननायक' का जयघोष: पूंजीवाद के शोर में समाजवाद की मशाल जलाने का आह्वान, कहा- वंचितों की आवाज थे कर्पूरी


नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

इचाक/हजारीबाग| 28 जनवरी 2026

इचाक प्रखंड मुख्यालय स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय का समीपवर्ती प्रांगण बीते 27 जनवरी को सामाजिक न्याय के पुरोधा और गुदड़ी के लाल कहे जाने वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों से गुंजायमान हो उठा। उनकी पावन जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक नई वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि दशकों बाद भी कर्पूरी ठाकुर के आदर्श जनमानस के पटल पर अमिट हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गौतम कुमार ने इतिहास और वर्तमान के धागों को पिरोते हुए एक अत्यंत ओजस्वी और विचारोत्तेजक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। एक बेहद सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, विषम परिस्थितियों को मात देकर और केवल अपने दृढ़ विचारों के बलबूते बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने लोकतंत्र की असली ताकत का एहसास कराया। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार में सर्वप्रथम शराबबंदी जैसा साहसिक और ऐतिहासिक कानून लागू करने का श्रेय उन्हीं को जाता है। शोषितों, वंचितों और दबे-कुचले वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर उन्होंने जो सामाजिक क्रांति की मशाल जलाई, उसी रोशनी में आज समाज का बड़ा तबका मुख्यधारा में कदमताल कर रहा है।

अपने संबोधन को विस्तार देते हुए कुमार ने भारतीय समाज की गौरवशाली परंपरा का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि यह देश त्याग और बलिदान के स्तंभों पर टिका है। जहाँ राजपूत समाज ने महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राणा सांगा जैसे वीर सपूत देकर राष्ट्र की रक्षा की, वहीं कुशवाहा समाज ने महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले और भगवान गौतम बुद्ध जैसे युगद्रष्टा दिए जिन्होंने समाज को ज्ञान और समता का मार्ग दिखाया। उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को नमन करते हुए कहा कि हरिजन समाज में जन्मे इस महामानव ने देश को विधि के विधान से जोड़कर एक सूत्र में पिरोया। समाज इन विभूतियों का सदैव ऋणी रहेगा क्योंकि इन्होंने अपना सर्वस्व समाज को समर्पित कर दिया।

वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए गौतम कुमार ने कहा कि यह विडंबना है कि जिस दौर में समाजवाद जिंदा था, वहां संवेदनाएं थीं, किंतु आज के दौर में पूंजीवाद हावी होता जा रहा है, जो मानवीय मूल्यों को निगल रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में समाजवाद के मूल तत्वों का निर्वहन करें। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में मौजूद समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बारी-बारी से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए और जननायक के बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प दोहराया। इस वैचारिक महाकुंभ ने इचाक के वातावरण में सामाजिक समरसता की एक नई सुगंध बिखेर दी।


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

रांची | 28 जनवरी 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विदेश यात्रा से लौटने के पश्चात रांची हवाई अड्डे पर एक अभूतपूर्व और उत्साहजनक वातावरण के बीच मीडिया से मुखातिब हुए। समर्थकों के गगनभेदी नारों और 'जय झारखंड' के उद्घोष के मध्य मुख्यमंत्री ने अपनी दावोस और लंदन यात्रा को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और दुनिया के सामने अपनी बात को पूरी प्रबलता के साथ रखा है।

मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद यह प्रथम अवसर है जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान को इतनी गंभीरता से स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वे दावोस और लंदन से केवल यादें नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए "बेहतर अनुभव" और "अपार संभावनाएं" लेकर स्वदेश लौटे हैं। श्री सोरेन ने विश्वास दिलाया कि इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर झारखंड के 'जल, जंगल और जमीन' तथा यहाँ की नैसर्गिक संपदा को विकास का एक नया आयाम देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य की आर्थिक रीढ़ और मजबूत होगी।

विशेष रूप से शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान गढ़ने का प्रयास किया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आने वाली पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को आश्वस्त किया कि इस विदेश यात्रा के दौरान तलाशी गई सभी संभावनाओं का सूक्ष्मता से आकलन कर उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि झारखंड के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और उनके वक्तव्य में झलकता आत्मविश्वास यह बताने के लिए पर्याप्त था कि झारखंड अब अपनी स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तत्पर है।





गणतंत्र के गौरव से दमक उठा सांसद सेवा कार्यालय- मनीष जायसवाल ने फहराया तिरंगा, 'विकसित भारत' के निर्माण का लिया गया महासंकल्प

 गणतंत्र के गौरव से दमक उठा सांसद सेवा कार्यालय- मनीष जायसवाल ने फहराया तिरंगा, 'विकसित भारत' के निर्माण का लिया गया महासंकल्प


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग

​लोकतंत्र के महापर्व 77वें गणतंत्र दिवस के पुनीत अवसर पर सोमवार को पूरा हजारीबाग देशभक्ति के ज्वार में डूबा नजर आया, जिसका मुख्य केंद्र बिंदु सांसद सेवा कार्यालय परिसर रहा। यहाँ आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के जनप्रिय सांसद मनीष जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर भारत की आन-बान और शान को सलामी दी। ध्वजारोहण के इस पावन मुहूर्त पर वातावरण 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के गगनभेदी उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा, जिससे उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रप्रेम का एक अनूठा संचार देखने को मिला।

​इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। ध्वजारोहण के उपरांत सभी आगंतुकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समवेत स्वर में राष्ट्रगान गाकर तिरंगे के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट की। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया, जो राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक था।

​उपस्थित जनसमूह को अपने ओजस्वी संबोधन से प्रेरित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यह दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का दिन है। उन्होंने युवाओं और नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत का स्वप्न तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी सक्रिय सहभागिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की प्रगति में योगदान देगा। समारोह में सैकड़ों की संख्या में भाजपा नेताओं, समर्पित कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि हजारीबागवासी राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए सदैव तत्पर हैं।

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का 'महामंथन' सांसद मनीष जायसवाल ने भरी हुंकार, कहा- अंत्योदय के पथ पर चलकर ही साकार होगा 'विकसित भारत' का स्वप्न

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का 'महामंथन' सांसद मनीष जायसवाल ने भरी हुंकार, कहा- अंत्योदय के पथ पर चलकर ही साकार होगा 'विकसित भारत' का स्वप्न


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड स्थित बहिमर की पावन धरा मंगलवार को राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त अध्याय की साक्षी बनी। यहाँ आयोजित 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की गारंटी' (VB-GRAM-G) के भव्य जिला सम्मेलन में सांसद मनीष जायसवाल ने विकास की गंगा को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का शंखनाद किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब तक समाज के सबसे वंचित और शोषित व्यक्ति तक नहीं पहुँचता, तब तक हमारा संकल्प अधूरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्योदय ही हमारी राजनीति का प्रथम और अंतिम ध्येय है।

​सांसद जायसवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि हजारीबाग को विकास के क्षितिज पर स्थापित करने के लिए रोजगार और स्वरोजगार ही वह 'संजीवनी' है, जिससे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों से कंधे से कंधा मिलाकर अनवरत प्रयास करने का आह्वान किया। सम्मेलन में युवाओं के लिए रोजगार सृजन, मातृशक्ति के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर गंभीर और सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे यह स्पष्ट संकेत गया कि अब विकास की बयार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गाँवों की गलियों तक पहुँचेगी।

​इस गरिमामयी आयोजन में राजनीतिक एकजुटता और संगठन की शक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंच पर सांसद के साथ सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व सांसद यदुनाथ पाण्डेय, जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और केपी ओझा सहित वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुनील मेहता, सुमन पप्पु, टौनी जैन, सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, किशोरी राणा, नारायण कुशवाहा, जीवन मेहता, विजय दांगी, प्रमुख संगीता कुमारी, प्रकाश कुशवाहा, लब्बू गुप्ता, दीपू यादव, अशोक मेहता, दिलीप रवि, रितलाल यादव, बिजूल देवी, भानु मति, कुलदीप भोक्ता, महावीर सिंह, नारायण साव, बीरेंद्र वीरू, प्रेम प्रसाद, दिलीप कुमार रवि, आदित्य दांगी, राकेश सिंह, अरविंद यादव, गंगा पांडेय, नरेश मेहता, सोहर राणा, सहदेव यादव, लेखराज यादव और दिनेश सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पार्टी के समर्पित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर मिशन की सफलता का संकल्प लिया।

सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज


सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026

​केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद के पटल पर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के प्राणरक्षा हेतु एक ऐतिहासिक और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कार्ययोजना की घोषणा की है। सदन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि देश में प्रतिवर्ष होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा केवल इसलिए काल के गाल में समा जाता है क्योंकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के तुरंत बाद के बहुमूल्य समय में उचित चिकित्सा नहीं मिल पाती। इस विभीषिका को समाप्त करने हेतु केंद्र सरकार ने अब 'त्वरित प्रतिक्रिया' और 'निशुल्क उपचार' को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

​गडकरी ने सदन को आश्वस्त किया कि अब सड़क दुर्घटना के शिकार किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में दम नहीं तोड़ने दिया जाएगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने पर उसके इलाज का प्रथम सात दिनों का खर्च, जो कि अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक होगा, वह पूरी तरह से सरकार या एनएचएआई द्वारा वहन किया जाएगा। यह कदम उन निर्धन परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा जो पैसों के अभाव में अपने प्रियजनों का इलाज नहीं करा पाते थे। इसके साथ ही, दुर्घटना के समय मदद करने से कतराने वाले आम जनों के मन से पुलिसिया पचड़े का भय निकालने के लिए सरकार ने 'गुड समैरिटन' (नेक राहगीर) नीति को और सशक्त किया है। अब घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को न केवल कानूनी झंझटों से मुक्त रखा जाएगा, बल्कि उन्हें 'राहगीर' की उपाधि से विभूषित कर 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित भी किया जाएगा.

​सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अक्सर एम्बुलेंस के देर से पहुँचने या अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों के भ्रम में जान चली जाती है। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु अब पूरे देश में 'एक राष्ट्र-एक हेल्पलाइन' की तर्ज पर एकीकृत नंबर प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को उजागर करते हुए बताया कि कई बार दुर्घटनाग्रस्त बस या कार के पिचक जाने से यात्री मलबे में फंस जाते हैं और सामान्य एम्बुलेंस कर्मियों के पास उन्हें बाहर निकालने के औजार नहीं होते। इस विवशता को दूर करने के लिए एनएचएआई अब राज्यों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस मुहैया कराएगा। इन एम्बुलेंस में न केवल डॉक्टर, ऑक्सीजन और ईसीजी की सुविधा होगी, बल्कि मलबे को काटकर घायलों को सुरक्षित निकालने वाले 'कटर' और अन्य बचाव उपकरण भी मौजूद होंगे.

​इस महत्वकांक्षी योजना के क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार राज्यों के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है। इसके तहत एनएचएआई राज्यों को निःशुल्क आधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराएगा, लेकिन इसके साथ एक अनिवार्य शर्त जुड़ी होगी— किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस को घटनास्थल पर पहुँचना होगा। गडकरी ने स्पष्ट किया कि 10 मिनट की यह समय-सीमा जीवन और मृत्यु के बीच का निर्णायक फासला है, जिसे पाटना ही सरकार का अंतिम ध्येय है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकार अब सड़क सुरक्षा को केवल आंकड़ों के चश्मे से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की दृष्टि से देख रही है.

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का महाजुटान: विधायक प्रदीप प्रसाद ने भरा 'विकसित भारत' का दम, कहा- अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का महाजुटान: विधायक प्रदीप प्रसाद ने भरा 'विकसित भारत' का दम, कहा- अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड स्थित बहिमर की धरती मंगलवार को एक ऐतिहासिक संकल्प की साक्षी बनी। यहाँ आयोजित 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की गारंटी' (VB-GRAM-G) के जिला स्तरीय सम्मेलन में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने विकास और अंत्योदय की अवधारणा को धरातल पर उतारने का पुरजोर आह्वान किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक ने स्पष्ट शब्दों में प्रतिपादित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का प्रकाश पहुँचेगा।

​विधायक ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि रोजगार सृजन, स्वरोजगार और आजीविका सशक्तिकरण ही वह मूलमंत्र है, जिसके माध्यम से हजारीबाग को विकास के पथ पर तीव्र गति से अग्रसर किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने हेतु युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण कामगारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही देश की प्रगति की आधारशिला है, और इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को समवेत स्वर में और कंधे से कंधा मिलाकर निरंतर प्रयास करना होगा।

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में युवाओं के लिए रोजगार के नवीन अवसरों और महिलाओं की आत्मनिर्भरता के विषयों पर गंभीर मंथन किया गया। विधायक ने आश्वस्त किया कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्मेलन में पूर्व सांसद यदुनाथ पाण्डेय, जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, केपी ओझा सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और संगठन की मजबूती पर जोर दिया।

​इस अवसर पर मंच और पंडाल में संगठन की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुनील मेहता, सुमन पप्पु, टौनी जैन, सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, नारायण कुशवाहा, जीवन मेहता, विजय दाँगी, विधायक प्रतिनिधि सुमन राय, जिला परिषद सदस्य मंजु नन्दनी, कटकमसांडी प्रमुख सजिता कुमारी, मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, कैलाश यादव, अरुण राणा, रणधीर पाण्डेय, अशोक कुशवाहा, दिलीप रवि, रितलाल यादव, बिजूल देवी, भानु मति, कुलदीप भोक्ता, महावीर सिंह, नारायण साव, बीरेंद्र वीरू, प्रेम प्रसाद, आदित्य दाँगी, राकेश सिंह, अरविन्द यादव, गंगा पाण्डेय, नरेश मेहता, सोहर राणा, दिनेश सिंह ठाकुर एवं दीपक मेहता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं। विधायक ने अंत में दोहराया कि हजारीबाग को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का यह महाअभियान अब रुकने वाला नहीं है।

गणतंत्र के महापर्व पर मुन्ना सिंह का आह्वान: शिक्षित, संस्कारवान और कुरीति-मुक्त समाज से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण

गणतंत्र के महापर्व पर मुन्ना सिंह का आह्वान-


शिक्षित, संस्कारवान और कुरीति-मुक्त समाज से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ध्वजारोहण कर लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। पूरे दिन चले मैराथन कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प दोहराते हुए स्पष्ट किया कि एक श्रेष्ठ राष्ट्र की परिकल्पना केवल शिक्षा, त्याग और सामाजिक समरसता के धरातल पर ही साकार हो सकती है। उन्होंने जिले के विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर तिरंगे को सलामी दी और आम जनों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

​अपने जनसंपर्क अभियान के क्रम में खिरगांव स्थित मिल्लत अकादमी में ध्वजारोहण करते हुए मुन्ना सिंह ने शैक्षणिक वातावरण को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया। संस्था के संचालक अख्तर हुसैन के सामाजिक और शैक्षणिक योगदानों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों से युक्त शिक्षा ही वह आधारशिला है जिस पर एक जागरूक और आत्मनिर्भर भारत खड़ा हो सकता है। इसके पश्चात सदर प्रखंड के बैहरी पंचायत भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में शामिल होकर उन्होंने संविधान की उद्देशिका और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखने का व्रत लिया।

​कालीबाड़ी रोड स्थित मोहम्मद अली के पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए उन्होंने स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानियों के बलिदान को नमन किया। यहाँ उन्होंने कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की प्रगति के लिए सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे की डोर को मजबूत करना अपरिहार्य है। कार्यक्रमों की इसी कड़ी में अन्नदा चौक स्थित स्वर्ण महासभा (दहेज उन्मूलन व समाज उत्थान) के कार्यालय में झंडोत्तोलन करते हुए उन्होंने समाज को दीमक की तरह चाट रही दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के समूल नाश का आह्वान किया। उन्होंने वहां उपस्थित जनसमूह को एक समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया और कहा कि गणतंत्र की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।

हजारीबाग में बैंककर्मियों की हुंकार, 'फाइव डेज बैंकिंग' की मांग पर हड़ताल से कामकाज ठप, सड़कों पर उतरा आक्रोश

हजारीबाग में बैंककर्मियों की हुंकार, 'फाइव डेज बैंकिंग' की मांग पर हड़ताल से कामकाज ठप, सड़कों पर उतरा आक्रोश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता । हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

हजारीबाग: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज हजारीबाग जिले की बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 'फाइव डेज बैंकिंग' यानी सप्ताह में पांच कार्यदिवस की अपनी चिरप्रतीक्षित मांग को लेकर जिले भर के बैंक अधिकारी और कर्मचारी लामबंद होकर सड़कों पर उतर आए। एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के चलते राष्ट्रीयकृत बैंकों के ताले नहीं खुले और वित्तीय कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर विशाल रैली निकालकर लगभग 500 बैंककर्मियों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया और सरकार की टालमटोल नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हड़ताली बैंककर्मियों का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन के तकनीकी विस्तार ने कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन तो किया है, किंतु इसके विपरीत बैंककर्मियों पर मानसिक और शारीरिक कार्यभार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए तर्क दिया कि जब आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी और स्टॉक एक्सचेंज जैसी केंद्रीय संस्थाओं में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था पहले से ही लागू है, तो बैंककर्मियों के साथ यह भेदभावपूर्ण रवैया क्यों अपनाया जा रहा है? वे केवल 'कार्य-जीवन संतुलन' और अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह मांग कर रहे हैं, जो उनका नैसर्गिक अधिकार है।

इस व्यापक विरोध प्रदर्शन की मूल वजह सरकार की वादाखिलाफी मानी जा रही है। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। विडंबना यह है कि समझौते के लंबे समय बाद भी सरकार ने अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है। वर्तमान व्यवस्था में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे सप्ताह में पांच दिन कार्य करने के बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त समय देने को भी तत्पर हैं, किंतु सरकार की उदासीनता अब धैर्य की परीक्षा ले रही है।

आक्रोशित कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वित्त मंत्रालय और डीएफएस ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। आज के इस सफल आंदोलन और रैली को नेतृत्व प्रदान करने में बैंक ऑफ इंडिया से अमर कुमार, मनीष बरनवाल, बिंदेश्वर प्रसाद, शिव कुमार यादव, राजेश कुमार, एसबीआई अधिकारी संघ के संगठन सचिव बीरेंद्र कुमार मुंडा, कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव पवन कुमार सिन्हा, केनरा बैंक के शशि कुमार बागे और इंडियन बैंक के संतोष कुमार पाण्डेय सहित सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मुखर भागीदारी सुनिश्चित की।


ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील

ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील


ईचाक/हजारीबाग| 27 जनवरी 2026

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

​हजारीबाग/ईचाक थाना क्षेत्र के हृदय स्थल माने जाने वाले मुख्य बाजार, ईचाक मोड़ तथा करियातपुर जैसे व्यस्ततम इलाकों में बढ़ती यातायात अराजकता को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क और गंभीर मुद्रा में आ गया है। सड़कों पर व्याप्त अव्यवस्था और नियमों की लगातार हो रही अनदेखी के मद्देनजर ईचाक पुलिस ने आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक विशेष जन-जागरूकता अपील जारी की है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने क्षेत्रवासियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​प्रशासन के संज्ञान में यह विषय प्रमुखता से आया है कि मुख्य मार्गों और बाजार के किनारे लोग अपने दोपहिया, टेम्पो और चारपहिया वाहनों को अत्यंत बेतरतीब ढंग से खड़ा कर रहे हैं। इस अनियंत्रित पार्किंग के कारण सड़कों पर अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसका सर्वाधिक खामियाजा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और आपातकालीन चिकित्सा सेवा की आवश्यकता वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, बिना हेलमेट वाहन चलाना और नाबालिगों के हाथों में स्टेरिंग थमाना जैसी प्रवृतियां दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रही हैं, जो जान-माल के लिए एक आसन्न संकट बन चुका है।

​थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा करना है। अतः समस्त वाहन चालकों से आग्रह है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें। पुलिस ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईचाक को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटना-मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए प्रशासन ने आम जनता से सक्रिय सहयोग और नागरिक दायित्व के निर्वहन की अपेक्षा की है।

झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश


झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश

रांची | 27 जनवरी 2026


राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की विधिवत घोषणा करते हुए लोकतांत्रिक अनुष्ठान का शंखनाद कर दिया है। आयोग के सचिव द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के साथ ही शहरी क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और आदर्श आचार संहिता का प्रभाव तत्काल रूप से लागू माना जा रहा है। आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) द्वारा 28 जनवरी 2026, दिन बुधवार को प्रपत्र-5 में निर्वाचन की औपचारिक सूचना प्रकाशित की जाएगी, जिसके साथ ही चुनावी समर का आगाज हो जाएगा।

​लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रत्याशियों के लिए नाम निर्देशन यानी नामांकन की प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 4 फरवरी 2026 (बुधवार) तक अनवरत चलेगी। इस दौरान पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की सूक्ष्मता से जाँच यानी संवीक्षा की तिथि 5 फरवरी 2026 (गुरुवार) निर्धारित की गई है। आयोग ने वैसे प्रत्याशियों को जो चुनावी मैदान से हटकर अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें 6 फरवरी 2026 (शुक्रवार) तक का समय दिया है। इसके ठीक अगले दिन यानी 7 फरवरी 2026 (शनिवार) को चुनाव लड़ने वाले अंतिम रूप से पात्र उम्मीदवारों के बीच निर्वाचन प्रतीक का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद प्रचार-प्रसार का शोर अपने चरम पर होगा।

​शहरी मतदाताओं द्वारा अपने प्रतिनिधियों को चुनने का निर्णायक दिन 23 फरवरी 2026 (सोमवार) तय किया गया है, जिस दिन प्रातः 7:00 बजे से लेकर अपराह्न 5:00 बजे तक मतदान केंद्रों पर मत डाले जाएंगे। प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला और जनता का स्पष्ट जनादेश 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मतगणना के साथ सामने आएगा। मतगणना की प्रक्रिया प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के बाद प्रशासनिक महकमे ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने हेतु अपनी कमर कस ली है।


हजारीबाग में अवैध शराब माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी, पिकअप के 'गुप्त तहखाने' से 640 लीटर अवैध स्पिरिट की बड़ी खेप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग में अवैध शराब माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी, पिकअप के 'गुप्त तहखाने' से 640 लीटर अवैध स्पिरिट की बड़ी खेप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग | 26 जनवरी 2026

हजारीबाग: जिला प्रशासन ने अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के विरुद्ध अपनी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को चरितार्थ करते हुए माफियाओं की कमर तोड़ दी है। उपायुक्त महोदय के कड़े निर्देशों और सहायक आयुक्त उत्पाद के कुशल मार्गदर्शन में उत्पाद विभाग की टीम ने बीती शाम एक बड़ी सफलता अर्जित की है। विभाग को मिली गुप्त आसूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने एनएच-33 स्थित डेमोटांड़ के समीप नाकेबंदी कर एक टाटा पिकअप वाहन को धर दबोचा, जिसमें तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था।

उत्पाद विभाग की इस छापामारी में तस्करों की डाल-डाल और प्रशासन की पात-पात वाली कहावत चरितार्थ हुई। वाहन की तलाशी लेने पर प्रथम दृष्टया सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन गहन जाँच में वाहन के भीतर विशेष रूप से निर्मित एक 'बॉक्स सिस्टम' (गुप्त तहखाना) का भंडाफोड़ हुआ। इस गुप्त जगह में छिपाकर रखे गए 16 जेरिकन बरामद किए गए, जिनमें कुल 640.00 लीटर अवैध स्पिरिट भरी हुई थी। इस स्पिरिट का उपयोग अवैध शराब निर्माण में किया जाना था, जिसे समय रहते जब्त कर प्रशासन ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया है।

मौके से वाहन चालक बादाम निवासी मुकेश प्रजापति तथा सह-चालक मयूरहंड थाना क्षेत्र के चौथा, मनहानियाँ निवासी देवेंद्र कुमार दांगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही, इस सिंडिकेट में शामिल अन्य फरार माफियाओं और पर्दे के पीछे छिपे सरगनाओं के विरुद्ध भी नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी धर-पकड़ हेतु जाल बिछा दिया गया है। उत्पाद विभाग की इस तत्परता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


हजारीबाग में 'ममता' के नाटक का तीन घंटे में पटाक्षेप, गरीबी से हारकर मां ने ही सौंपा था जिगर का टुकड़ा, पुलिस की तत्परता ने खोला 'चोरी' का गहरा राज

 हजारीबाग में 'ममता' के नाटक का तीन घंटे में पटाक्षेप, गरीबी से हारकर मां ने ही सौंपा था जिगर का टुकड़ा, पुलिस की तत्परता ने खोला 'चोरी' का गहरा राज

हजारीबाग। जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मी पेट्रोल पंप के समीप से एक नवजात शिशु की चोरी की जिस सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को उद्वेलित कर दिया था, हजारीबाग पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर उस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए न केवल बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया, बल्कि इस पूरे प्रकरण के पीछे छिपी एक मां की विवशता और 'मनगढ़ंत' कहानी का भी अंततः पटाक्षेप कर दिया। गणतंत्र दिवस की संध्या बेला में पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यप्रणाली ने एक ओर जहां खाकी की साख बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने समाज के सामने गरीबी और लाचारी की एक मर्मस्पर्शी तस्वीर भी पेश की है।

घटनाक्रम के अनुसार, 26 जनवरी की शाम लगभग साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मां की गोद से उसका तीन दिन का नवजात शिशु चोरी हो गया है। मामले की गंभीरता और जनभावनाओं के ज्वार को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस की यह टीम बिजली की गति से सक्रिय हुई और तकनीकी अनुसंधान तथा खुफिया तंत्र के सहारे महज तीन घंटों के भीतर जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित ग्राम करमा तक जा पहुंची, जहां से नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। किंतु, जैसे ही पुलिस ने जांच की परतें उधेड़नी शुरू कीं, सामने आया सच किसी फिल्मी पटकथा से कम चौंकाने वाला नहीं था।

अनुसंधान में यह तथ्य प्रकाश में आया कि नवजात की चोरी का शोर मचाने वाली मां बेबी देवी ने स्वयं ही गरीबी और अभावों से हारकर अपने जिगर के टुकड़े का सौदा किया था। दरअसल, बेबी देवी के पूर्व से पांच बच्चे हैं और उनके पति मुंबई में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसी विषम आर्थिक परिस्थितियों में छठे बच्चे का लालन-पालन करना उनके लिए संभव नहीं था। इसी विवशता के चलते पति की सहमति से उन्होंने अपने नवजात शिशु को अपनी सहेली की मौसेरी बहन मालती देवी को स्वेच्छा से सौंप दिया था। किंतु, ससुराल वालों के प्रश्नों और समाज के 'लोक-लाज' के भय ने उन्हें झूठ का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया, जिसके बाद उन्होंने बच्चा चोरी की यह मनगढ़ंत कहानी रच डाली। अंततः पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बरामद नवजात को परिजनों की उपस्थिति में पुनः उसकी मां बेबी देवी को सुपुर्द कर दिया, जिसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे का सुखद किंतु विचारणीय अंत हो गया।

नियति का क्रूर अट्टहास-इकलौते 'कुलदीपक' के बाद अर्धांगिनी का भी महाप्रयाण, 'हादसे' की आड़ में 'हत्या' के आरोपों से दहला टटगांवा, खोखले वादों पर भारी पड़ा मुखिया का मरहम


नियति का क्रूर अट्टहास-इकलौते 'कुलदीपक' के बाद अर्धांगिनी का भी महाप्रयाण, 'हादसे' की आड़ में 'हत्या' के आरोपों से दहला टटगांवा, खोखले वादों पर भारी पड़ा मुखिया का मरहम

हजारीबाग/दारू: हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत हरली की धरती एक ऐसे लोमहर्षक घटनाक्रम की साक्षी बनी है, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, अपितु पूरे क्षेत्र को शोक के महासागर में डुबो दिया है। टटगांवा निवासी रामचंद्र महतो के आंगन पर नियति ने ऐसा वज्रपात किया कि वंशबेल ही उजड़ गई। घर के इकलौते चिराग और पांच बहनों के लाडले भाई, 30 वर्षीय अरुण कुमार के आकस्मिक निधन की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि रिम्स में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही उनकी धर्मपत्नी ज्योति कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इस दोहरी त्रासदी ने एक भरे-पूरे परिवार को श्मशान की राख में तब्दील कर दिया है। विडंबना देखिए कि महज छह माह पूर्व ही जिस युगल ने अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों का साथ निभाने का वचन लिया था, नियति ने उन्हें मृत्यु में भी जुदा नहीं होने दिया। सुनहरे भविष्य की अभिलाषा लिए परीक्षा केंद्र की ओर अग्रसर यह जोड़ा जब काल बनकर आए एक अनियंत्रित ट्रेकर का ग्रास बना, तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सफर उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगा। अरुण के प्राण पखेरू तो घटना के दिन ही उड़ गए थे, और अब अर्धांगिनी के महाप्रयाण ने वृद्ध माता-पिता के जीने का अंतिम सहारा भी छीन लिया है। टटगांवा की गलियां, जहां कुछ माह पूर्व शहनाइयों की गूंज थी, आज वहां पसरा मतमी सन्नाटा और परिजनों का करुण क्रंदन पत्थर दिल इंसान को भी द्रवित कर देने के लिए पर्याप्त है।

किंतु, आंसुओं के इस सैलाब के बीच एक गहरा आक्रोश और संदेह भी फन उठाए खड़ा है। घटना के 72 घंटे बीत जाने के उपरांत भी पुलिसिया कार्रवाई की कछुआ चाल और आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार का धैर्य अब जवाब दे गया है। परिजनों ने इस हृदयविदारक घटना को महज एक संयोगवश हुआ 'सड़क हादसा' मानने से साफ इनकार करते हुए इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र और नृशंस 'हत्या' करार दिया है। विपत्ति के इस पहाड़ के नीचे दबे परिवार को जहाँ एक ओर स्थानीय मुखिया अनिल कुमार देव ने 50,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि देकर और न्याय की लड़ाई में अंतिम सांस तक सारथी बनने का वचन देकर मानवता की मिसाल पेश की, वहीं दूसरी ओर रसूखदार जनप्रतिनिधियों के रवैये ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का कार्य किया है।

परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र की सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी, विधायक अमित यादव और सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के द्वारों से उन्हें केवल कोरे आश्वासन और सांत्वना की पुड़िया ही नसीब हुई। सांसद द्वारा 24 घंटे के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दम भरा गया था, जो अब तक एक जुमला मात्र साबित हुआ है। जनप्रतिनिधियों और मीडिया के बार-बार घर आकर रस्मी पूछताछ करने से परिवार की मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई है। शोकाकुल परिवार ने प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा अविश्वास जताते हुए मांग की है कि इस संदिग्ध प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हेतु एसआईटी (SIT) का गठन किया जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने अपनी कुंभकरणी नींद नहीं तोड़ी और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम दंड नहीं दिया, तो यह दबा हुआ आक्रोश एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।




विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

हजारीबाग। स्थानीय जीएम महाविद्यालय के प्रांगण में इंटरमीडिएट वाणिज्य संकाय (सत्र 2024-26) के निवर्तमान छात्रों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह स्मृतियों, संकल्पों और भावनाओं का साक्षी बना। 'फेयरवेल' की इस बेला में हर्ष और विषाद के मिश्रित भावों के बीच कनिष्ठ छात्रों ने अपने अग्रजों को तिलक लगाकर और मंगलकामनाओं के साथ विदा किया। समारोह का विधिवत शुभारंभ माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

​समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय का आरंभ है। उन्होंने छात्रों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एकाग्रता और कठोर परिश्रम को सफलता का एकमात्र 'गुरुमंत्र' बताया। वहीं, प्राचार्य शम्भु कुमार ने वर्तमान परिदृश्य में वाणिज्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस दौर में वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए करियर की असीम संभावनाएं और अनंत आकाश खुले हैं।

​कार्यक्रम के दौरान वातावरण उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक  रंजन कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल संस्था की चहारदीवारी से विदा ले रहे हैं, शिक्षकों के हृदय से नहीं; गुरु और शिष्य का यह आत्मिक संबंध सदैव जीवंत रहेगा। छात्रा पायल कुमारी और मुस्कान कुमारी ने अपने सधे हुए मंच संचालन से कार्यक्रम को गति प्रदान की। समारोह के अंतिम क्षणों में छात्रा निशु कुमारी द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत की मर्मस्पर्शी स्वरलहरियों ने वहां उपस्थित सभी जनों की आंखों को सजल कर दिया और पूरा माहौल उदासी की चादर में लिपट गया। कार्यक्रम का समापन 


उमेश ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर शिक्षक आशीष पांडे, मनोज राणा, रेयाज अहमद, कुंदन शशि शर्मा, कृष्ण कुमार, नीलिमा कुजूर, प्रिया कुमारी, पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

77वां गणतंत्र दिवस, हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया ध्वजारोहण, संविधान की रक्षा और सशक्त भारत निर्माण का लिया गया संकल्प

 77वां गणतंत्र दिवस, हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया ध्वजारोहण, संविधान की रक्षा और सशक्त भारत निर्माण का लिया गया संकल्प

हजारीबाग। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर समूचा हजारीबाग जिला देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। इस राष्ट्रीय महापर्व पर जिले भर में उल्लास और उमंग का वातावरण रहा, जहां आन-बान और शान के साथ तिरंगा फहराया गया। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस ऐतिहासिक दिन की गरिमा को बढ़ाते हुए सांसद सेवा कार्यालय, भाजपा जिला अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय और अपने विधायक जनसेवा कार्यालय समेत कई प्रमुख संस्थानों में आयोजित समारोहों में शिरकत कर राष्ट्रध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

गणतंत्र दिवस समारोह केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा को पुन: स्थापित करने का एक सशक्त मंच बना। विधायक जनसेवा कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान महज एक वैधानिक दस्तावेज नहीं, अपितु भारत की आत्मा है जो हमें न्याय, स्वतंत्रता और समानता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।

आयोजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग व बलिदान को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में सांसद मनीष जयसवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनों के साथ मिलकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। समारोह में केपी ओझा, पूर्व जिला अध्यक्ष टुन्नू गोप, अशोक यादव, हरीश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शैफाली गुप्ता, दिनेश सिंह राठौर और कुणाल दुबे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह परिलक्षित हुआ। ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ संपन्न हुए इन समारोहों ने हजारीबाग की फिजा में राष्ट्रवाद की एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, जहां हर वर्ग ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया।


हजारीबाग में दिनदहाड़े मां की गोद से तीन दिन का नवजात चोरी, पुलिस के लचर रवैये और 'सिस्टम' की नाकामी पर फूटा जनआक्रोश

हजारीबाग में दिनदहाड़े मां की गोद से तीन दिन का नवजात चोरी, पुलिस के लचर रवैये और 'सिस्टम' की नाकामी पर फूटा जनआक्रोश

हजारीबाग: शहर के हृदयस्थल में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत मार्मिक घटना प्रकाश में आई है, जिसने न केवल एक मां की ममता को छलनी किया है बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बहीमर निवासी बेबी देवी, जो अपने पति संदीप रॉय के साथ अपने महज तीन दिन के दुधमुंहे बच्चे का इलाज कराने शहर आई थीं, उनकी गोद सरेराह सूनी हो गई। यह हृदयविदारक घटना डॉ. एम.एम. हुसैन के क्लीनिक के समीप घटी, जब यह दंपत्ति चिकित्सक से परामर्श लेकर लौट रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्वयं पीडि़ता के बयानों के अनुसार, सड़क पार करते समय प्रसूता बेबी देवी को अचानक चक्कर आ गया और वे अर्धमूर्छित अवस्था में सड़क पर ही लड़खड़ा गईं। इसी अफरातफरी और महिला की असहाय स्थिति का लाभ उठाते हुए एक अज्ञात महिला ने सहायता के बहाने बच्चे को अपनी गोद में लिया और पलक झपकते ही भीड़ में ओझल हो गई। जब तक बदहवास मां को होश आया, तब तक उनकी दुनिया लुट चुकी थी। महज 24 तारीख को जन्मे इस शिशु के वियोग में मां का करुण क्रंदन वहां मौजूद हर संवेदनशील व्यक्ति का कलेजा चीर रहा था, किंतु प्रशासन की संवेदनहीनता ने इस घाव को और गहरा कर दिया।

घटना के पश्चात वहां उपस्थित स्थानीय नागरिकों का गुस्सा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब सूचना देने के घंटों बाद भी पुलिस मौके पर नदारद रही। आक्रोशित भीड़ ने झारखंड सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि शहर के अतिव्यस्त इलाके में दिनदहाड़े एक नवजात की चोरी हो जाना और उसके बाद पुलिस का घंटों तक घटनास्थल पर न पहुंचना, यह साबित करता है कि तंत्र पूरी तरह से विफल हो चुका है। भीड़ में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आए दिन बच्चों की चोरी की घटनाएं, चाहे वह हजारीबाग हो, रांची या जमशेदपुर, एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी हैं, जिस पर अंकुश लगाने में शासन-प्रशासन पूर्णतः अक्षम साबित हो रहा है।

इस सनसनीखेज वारदात ने आम जनमानस में असुरक्षा की भावना भर दी है। एक तरफ जहां बदहवास परिजन अपने जिगर के टुकड़े की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घंटों विलंब से जागने वाली पुलिसिया कार्रवाई पर जनता का विश्वास डगमगा गया है। यह घटना मात्र एक चोरी नहीं, बल्कि उस 'सुरक्षा व्यवस्था' पर करारा तमाचा है, जो नागरिकों की हिफाजत का दम भरती है। अब देखना यह होगा कि सुस्त पड़ी पुलिस कब तक उस अज्ञात महिला को ढूंढ निकालती है और कब एक मां की सूनी गोद पुन! भर पाती है।

गणतंत्र का महापर्व - हजारीबाग प्रमंडलीय कार्यालय में आन-बान और शान के साथ लहराया तिरंगा

गणतंत्र का महापर्व - हजारीबाग प्रमंडलीय कार्यालय में आन-बान और शान के साथ लहराया तिरंगा

हजारीबाग: राष्ट्रीय स्वाभिमान और संवैधानिक गौरव के प्रतीक 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग में देशभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार उमड़ पड़ा। प्रमंडलीय सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक ने गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए विधिवत झंडोत्तोलन किया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त आवास पर अवर सचिव द्वारा ध्वजारोहण कर लोकतंत्र की इस पावन बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संपूर्ण परिसर सामूहिक राष्ट्रगान की सुरीली और ओजस्वी ध्वनि से गुंजायमान हो उठा, जिसने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्र के प्रति नई ऊर्जा और समर्पण का संचार किया।

इस ऐतिहासिक उपलक्ष्य पर प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्त प्रमंडलवासियों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। संबोधन के दौरान अधिकारियों ने भारतीय संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक न्याय और राष्ट्र की एकता व अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनों को प्रेरित किया कि एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण हेतु संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहना प्रत्येक नागरिक का परम धर्म है। इस गरिमामयी समारोह में प्रमंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी, निष्ठावान कर्मचारी तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस राष्ट्रीय पर्व की भव्यता को द्विगुणित किया


पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

हजारीबाग: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह में परिवहन विभाग की झांकी ने अपनी रचनात्मकता और जन-जागरूकता के अनूठे संगम से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी का मूल उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था, बल्कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी था। समारोह के दौरान इस झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल का ध्यान अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस पुरस्कृत झांकी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत प्रदर्शन रहा, जिसमें सड़क दुर्घटना के दृश्यों का अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण कर आम नागरिकों को यातायात के कड़े नियमों के प्रति सचेत किया गया। विभाग ने विभिन्न कट-आउट्स और कलाकृतियों के माध्यम से 'हिट एंड रन' के कड़े प्रावधानों, दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले 'नेक मददगार' (गुड सेमेरिटन) और 'सड़क सुरक्षा दूत' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। झांकी की इस संवेदनात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का एक अनिवार्य संकल्प है।

समारोह के मुख्य अतिथियों और उच्चाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। झांकी के माध्यम से राहगीरों को यह बोध कराया गया कि उनकी एक सतर्कता किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इस झांकी ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारीबाग वासियों को यह संदेश दिया कि नियमबद्ध परिवहन ही एक सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।

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