हजारीबाग : भारतीय सेना के गौरव और अदम्य साहस के प्रतीक, शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी की पावन स्मृति में हजारीबाग गुरुद्वारा परिसर श्रद्धा और देशभक्ति के रंग में डूबा रहा। वीर शहीद के बलिदान को नमन करने के लिए आयोजित तीन दिवसीय श्री अखंड पाठ साहिब का सोमवार को विधिवत समापन हुआ। इस दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से ओतप्रोत रहा।
सेना के जवानों ने दी वीर सपूत को सलामी
27 दिसंबर से शुरू हुए इस अखंड पाठ की समाप्ति सोमवार दोपहर 12:00 से 1:30 बजे के बीच अरदास के साथ हुई। इस अवसर पर विशेष रूप से भारतीय सेना के जवानों की उपस्थिति गौरवपूर्ण रही। जवानों ने शहीद कैप्टन बख्शी के अदम्य साहस और देश के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्षेत्र भर से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शहीद को सम्मान देने के लिए न केवल हजारीबाग, बल्कि रामगढ़, रांची और भुरकुंडा जैसे आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में संगत गुरुद्वारा पहुंची। श्रद्धालुओं ने कहा कि शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
समानता का संदेश देता अटूट लंगर
पाठ की समाप्ति के उपरांत गुरुद्वारा परिसर में 'गुरु का अटूट लंगर' बरताया गया। सिख परंपरा की सेवा और समानता की मिसाल पेश करते हुए समाज के हर वर्ग के लोगों ने एक साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान सेवादारों ने तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दीं।
प्रेरणा का केंद्र बना आयोजन
यह कार्यक्रम मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि देश सेवा के प्रति समर्पण का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा। उपस्थित जनसमूह ने नम आंखों से वीर शहीद की शहादत को नमन किया और देश की रक्षा का संकल्प दोहराया।
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