-->
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंट( mnrega) से भाजपा द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है - शहजादा अनवर

महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी से भाजपा द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है  - शहजादा अनवर

हजारीबाग : जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ में भाजपा द्वारा महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी ( मनरेगा ) से महात्मा गांधी के नाम हटाए जाने पर एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । आयोजित प्रेसवार्ता में प्रेस को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने  मनरेगा का नाम बदल कर जी राम जी रखे जाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पांच जनवरी को राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सम्पूर्ण झारखंड में 11 बजे महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल मोरहाबादी रांची से लोकभवन ( राजभवन ) तक पदयात्रा की जाएगी । मनरेगा से भाजपा सरकार द्वारा महत्मा गांधी का  महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है । गांधी की श्रम की गरिमा, समाजिक न्याय और सबसे गरीबों के प्रति राज्य की नैतिक जिम्मेदारी के प्रतीक है । यह नाम परिवर्तन गांधी जी के मुल्यों के प्रति भाजापा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है तथा एक जन केन्द्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है । प्रस्तावित नया विधेयक उस कानूनी काम के अधिकार को समाप्त कर देता है जो, मनरेगा ने प्रदान किया था । यह मांग आधारित, वैधानिक अधिकार की जगह एक केन्द्र नियंत्रित योजना लाता है, जिसमे न तो रोजगार की कोई कानून लागू की जा सकने वाली गारंटी है न सार्वभौमिक कबरेज और न ही यह आश्वासन कि आवश्यकता के समय लोंगो को काम मिलेगा । वस्तुत: काम के अधिकार को ही समाप्त किया जा रहा है । मनरेगा के तहत मजदुरी के वित्तपोषण की प्राथमिक जिम्मेवारी केन्द्र सरकार की थी, जिससे यह एक वास्तविक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी बनाती थी । नया विधेयक इस जिम्मेदारी से पिछे हटना चाहती है, बोझ राज्यों पर डालता है, आवंटनों पर सीमा लगता है और मांग आधारित कार्यक्रम की बुनियाद को कमजोर करता है । इससे संघवाद कमजोर होता है और वित्तीय बाधाओं के कारण राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ता है । गांधी जी की विरासत, श्रामिकों के अधिकार और संघीय जिम्मेदारी पर यह संयुक्त हमला भाजापा-आरएसएस की उस बड़ी साजिश को उजागर करता है, जिसके तहत अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर केन्द्र नियंत्रित दया-दान की व्यव्स्था से बदला जा रहा है । प्रेसवार्ता में  वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक देव प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, शशि मोहन सिंह, कांग्रेस के जिला मीडिया अध्यक्ष निसार पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत आदि उपस्थित थे ।

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972