हिमालय की ऊंचाइयों पर खेलो इंडिया विंटर गेम्स का भव्य आगाज,
लद्दाख बना शीतकालीन खेलों का नया वैश्विक चेहरा
दिल्ली: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बर्फीले मैदानों में उत्साह और उमंग के साथ खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के छठे संस्करण का शानदार शुभारंभ हो गया है। लेह के नवांग दोरजे स्टोबदान स्टेडियम में आयोजित एक रंगारंग समारोह में उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने आधिकारिक तौर पर इन खेलों का उद्घाटन किया। इस प्रतिष्ठित आयोजन ने लद्दाख की आयोजन क्षमता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खेल संबंधी दूरदर्शिता को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया है। समारोह के दौरान पारंपरिक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया, वहीं आर्मी इलेवन और केंद्र शासित प्रदेश की टीम के बीच हुए प्रदर्शनी आइस हॉकी मैच ने दर्शकों में जोश भर दिया।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इस अवसर पर लद्दाख को बधाई देते हुए कहा कि भारत में शीतकालीन खेलों का भविष्य अब हिमालय की इन चोटियों से नई उड़ान भर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्षित नीतियों और बेहतर बुनियादी ढांचे के दम पर लद्दाख अब केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि एक स्पोर्ट्स हब बन चुका है। इन खेलों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके। प्रतियोगिता का पहला चरण लेह में आयोजित हो रहा है, जबकि इसका अगला पड़ाव जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में होगा। खेल मंत्री के अनुसार, यह सतत घरेलू प्रतियोगिता भारत को आने वाले वर्षों में शीतकालीन ओलंपिक के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में तैयार करेगी।
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि फिगर स्केटिंग को पहली बार शामिल करना है, जिससे इस ओलंपिक खेल में भारतीय प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा। लद्दाख की नई खेल नीति भी इस आयोजन के साथ चर्चा के केंद्र में रही, जो खिलाड़ियों को नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं सुनिश्चित करती है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल युवाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि लद्दाख में खेल पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी। उद्घाटन समारोह में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन के महत्व को और बढ़ा दिया।

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