मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 1910 नवनियुक्त पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 'ईमानदारी से निभाएं राज्य सेवा का दायित्व'
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में जेएसएससी-सीजीएल 2023 परीक्षा के माध्यम से चयनित 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नव वर्ष के इस उपहार के साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
प्रमुख बिंदु और संबोधन के मुख्य अंश पारदर्शिता और संघर्ष की जीत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजीएल परीक्षा के आयोजन में कई चुनौतियां और साजिशें आईं, लेकिन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और पारदर्शिता के कारण आज हजारों युवाओं का सपना साकार हुआ है।
राज्य सेवा का संकल्प: नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "जिस मेहनत से आपने यह पद पाया है, उसी निष्ठा से राज्य की जनता की सेवा करें। आपकी कार्यशैली से ही सरकार की छवि और राज्य की दिशा तय होगी।"
सुरक्षा का भरोसा: मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी और अनुबंध कर्मियों की सुरक्षा के लिए बैंकों के साथ 1 करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा का एमओयू किया गया है।
नियुक्तियों का सिलसिला: सरकार ने पिछले एक साल में 10,000 से अधिक नियुक्तियां की हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य के हर नौजवान को सशक्त बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
"वक्त हर किसी का बदलता है, हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। हमारी सरकार गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासियों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" — हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
सफलता की प्रेरक कहानियां
समारोह के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपना अनुभव साझा किया। कोडरमा के अनिल रजक ने बताया कि पिता के निधन के बाद वे ऑटो चलाकर जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका जीवन बदल गया है। वहीं एन आईसा कुजूर और निशा तिग्गा ने परीक्षा की पारदर्शिता के लिए सरकार का आभार जताया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपक बिरुवा, संजय प्रसाद यादव, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन सहित राज्य के मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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