हजारीबाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय में हिंदी की गूँज, राजभाषा संवर्धन हेतु कार्यशाला का आयोजन
हजारीबाग: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के हजारीबाग उप क्षेत्रीय कार्यालय में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय चावल अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिव मंगल प्रसाद उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सांख्यिकी के जनक डॉ. पी.सी. महालनोबिस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि यह कार्यालय शत-प्रतिशत आधिकारिक कार्य हिंदी में करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि हाल ही में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा इस कार्यालय को हिंदी के उत्कृष्ट संवर्धन के लिए जिले भर में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी नितिन मिलन ने आधुनिक दौर में हिंदी के सहज उपयोग पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कंठस्थ टूल, हिंदी इनपुट टूल्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे आधुनिक संसाधनों के माध्यम से सरकारी कामकाज को सरल बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम की जीवंतता तब और बढ़ गई जब कार्यालय के कर्मियों ने बारी-बारी से हिंदी कविताएं, नारे और प्रेरक संस्मरण प्रस्तुत कर अपनी भाषाई दक्षता का परिचय दिया। मुख्य अतिथि डॉ. शिव मंगल प्रसाद ने अपने संबोधन में तकनीकी शब्दावली को सरल हिंदी में अपनाने पर जोर दिया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हिंदी भाषा की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की अपील की। उन्होंने सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जमीनी स्तर पर आंकड़ों के संग्रह और जनसंवाद में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की।
विदित हो कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय देश की सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्माण में रीढ़ की हड्डी के समान है और क्षेत्रीय स्तर पर आम जनता से संवाद के लिए हिंदी एक सशक्त माध्यम साबित हो रही है। इस कार्यशाला में सांख्यिकीय अधिकारियों से लेकर सर्वेक्षण प्रगणकों तक सभी ने सक्रिय भागीदारी निभाई और कार्यालयी पत्राचार व ई-मेल जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर हिंदी में निष्पादित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन जानकी नाथ मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नितिन मिलन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस सफल आयोजन ने न केवल हिंदी के प्रति गौरव का भाव जगाया बल्कि सरकारी कामकाज में भाषा और तकनीक के संगम को भी रेखांकित किया।
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