चालान के डर की जगह गुलाब की महक से सिखाया सुरक्षा का पाठ, दारू पुलिस की 'गांधीगिरी' ने जीता लोगों का दिल
हजारीबाग/दारू: नए साल 2026 के आगमन के साथ जहां पुलिस प्रशासन अक्सर सख्ती के लिए जाना जाता है, वहीं दारू पुलिस ने एक ऐसी नजीर पेश की है जिसकी चर्चा हर जुबान पर है। सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का एक मानवीय और संवेदनशील चेहरा 2 जनवरी को देखने को मिला, जब थाना प्रभारी मोहम्मद इकबाल हुसैन के नेतृत्व में पुलिस ने डंडे या चालान रसीद की जगह हाथों में गुलाब के फूल थाम रखे थे। दारू थाना परिसर के समीप चलाए गए इस विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान नजारा बिल्कुल बदला हुआ था। बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोग जब पुलिस को देखकर डर रहे थे और भारी-भरकम चालान कटने की आशंका में थे, तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर मुस्कुराहट के साथ गुलाब का फूल भेंट किया और नए साल की शुभकामनाएं दीं।
पुलिस अधिकारियों ने चालकों को बड़े ही आत्मीय भाव से समझाया कि हेलमेट पहनना महज पुलिस के डर से बचने का उपाय नहीं है, बल्कि यह घर पर इंतजार कर रहे परिवार और खुद की अनमोल जिंदगी की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी कवच है। पुलिस के इस 'गांधीगिरी' वाले अंदाज के पीछे का मकसद स्पष्ट था कि डर या दंड से ज्यादा असर प्यार और समझाइश का होता है। थाना प्रभारी के निर्देश पर चलाई गई इस मुहिम में पु.अ.नि. मदन मुंडा और स.अ.नि. फुलजेम्स खाखा समेत पूरे पुलिस बल ने आम नागरिकों को यातायात नियमों को बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अनूठी पहल का असर भी मौके पर ही देखने को मिला, जहां अपनी गलती पर शर्मिंदा हुए वाहन चालकों ने पुलिस की इस सोच की सराहना की। कई युवाओं और बुजुर्गों ने फूल स्वीकार करते हुए भविष्य में हमेशा हेलमेट पहनकर ही घर से निकलने का वादा किया। दारू पुलिस का यह अभियान सिर्फ यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने खाकी वर्दी और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने और आपसी विश्वास को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित होने का काम किया है। पुलिस ने संदेश दिया है कि कानून का पालन करवाने के लिए संवेदनशीलता सबसे बड़ा हथियार है।
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