मनरेगा से 'महात्मा' का नाम हटाने पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने कहा- बापू का अपमान बर्दाश्त नहीं, छेड़ेंगे आर-पार की जंग
हजारीबाग: शनिवार को सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया जब जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। Nrega से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के कथित निर्णय पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे देश की अस्मिता और बापू के अपमान से जोड़ दिया। 3 जनवरी 2026 को आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत गांधीवादी विचारधारा और उनके नाम को मिटाने का प्रयास कर रही है, जिसे देश की जनता और कांग्रेस पार्टी कतई स्वीकार नहीं करेगी।
शहजादा अनवर ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि यह योजना केवल रोजगार की गारंटी नहीं थी, बल्कि यह ग्रामीण भारत के सशक्तीकरण के गांधीवादी सपने का प्रतीक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नाम बदलकर इतिहास को नहीं बदल सकती, लेकिन ऐसा कृत्य उनकी मानसिकता को जरूर उजागर करता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अब सड़क पर उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। अनवर ने ऐलान किया कि बापू के सम्मान और मजदूरों के हक के लिए जल्द ही एक व्यापक जन-आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा।
इस आंदोलन की रूपरेखा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। बहुत जल्द राज्य भर के नरेगा मजदूरों को एकजुट कर एक बड़े संघर्ष की घोषणा की जाएगी। यह लड़ाई अब केवल नाम की नहीं, बल्कि विचारधारा की रक्षा की होगी। प्रेसवार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक उग्र प्रदर्शन देखने को मिलेंगे, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम मजदूर भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
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