नगर निगम की कार्यशैली पर बिफरे बाबर कुरैशी, छोटे दुकानदारों के उत्पीड़न और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर दागे तीखे सवाल
हजारीबाग: नगर निगम की हालिया कार्यवाहियों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और नोबल मीडिया के संचालक बाबर कुरैशी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फुटपाथ और छोटे दुकानदारों के विरुद्ध की जा रही छापेमारी केवल कमीशन वसूलने का एक नया तरीका है। उन्होंने निगम की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन को पहले शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने पर ध्यान देना चाहिए। बाबर कुरैशी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज पूरे नगर निगम क्षेत्र की स्थिति बदतर हो चुकी है जहां न तो सड़कें चलने लायक हैं और न ही नालियों और पीने के शुद्ध पानी की कोई उचित व्यवस्था है। सफाई के मोर्चे पर भी शहर कोसों दूर नजर आता है, लेकिन निगम का पूरा ध्यान सिर्फ टैक्स वसूली पर केंद्रित है जबकि जनता को सुविधा देने के मामले में इनका रिपोर्ट कार्ड शून्य है।
प्लास्टिक प्रतिबंध के नाम पर की जा रही कार्यवाहियों को उन्होंने तर्कहीन बताते हुए कहा कि यदि नगर निगम वाकई गंभीर है, तो उसे उन बड़ी फैक्ट्रियों पर ताला लगाना चाहिए जहाँ से इन प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फैक्ट्रियों से माल निकलना ही बंद हो जाएगा तो छोटे दुकानदारों के पास यह सामान पहुँचेगा ही नहीं और समस्या खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी। निगम अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि वे अपनी ताकत का प्रदर्शन गरीब और लाचार दुकानदारों पर करना बंद करें। उन्होंने सीधे तौर पर मांग की है कि प्रशासन को अपना रवैया बदलकर जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और अगर वाकई कार्रवाई का शौक है, तो उन बड़े केंद्रों पर चोट करें जहां से प्रदूषण और अनियमितताओं की जड़ें जुड़ी हैं। इस बयान के बाद शहर के व्यापारी वर्ग और आम जनता के बीच निगम की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
https://www.newsprahari.in/2025/12/55.html
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