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Editor: Naresh Prasad Soni
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मनरेगा से गांधी का नाम हटाने और 'काम के अधिकार' को कमजोर करने के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक पर किया एक दिवसीय उपवास

 

मनरेगा से गांधी का नाम हटाने और 'काम के अधिकार


' को कमजोर करने के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक पर किया एक दिवसीय उपवास

हजारीबाग:केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और कानून के स्वरूप में बदलाव करने के विरोध में हजारीबाग जिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के तत्वावधान में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे गरीब विरोधी और गांधी की विचारधारा पर हमला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी निसार खान ने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना एक सोची-समझी राजनीति और वैचारिक द्वेष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी श्रम की गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं, लेकिन मौजूदा सरकार उनके नाम और मूल्यों के प्रति असहजता महसूस करती है। यह प्रयास एक जन-केंद्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने की साजिश है।

​धरना स्थल पर मौजूद प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा और प्रदेश सचिव बिनोद सिंह ने प्रस्तावित नए विधेयक की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि सरकार मनरेगा के मूल ढांचे को ही खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह नया प्रस्ताव उस कानूनी 'काम के अधिकार' को समाप्त कर देगा जो मनरेगा की आत्मा है। इसे एक वैधानिक अधिकार के बजाय केंद्र नियंत्रित योजना में बदला जा रहा है, जिसमें न तो रोजगार की कोई कानूनी गारंटी होगी और न ही समय पर काम मिलने का आश्वासन। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार वित्तपोषण की जिम्मेदारी से पीछे हटकर पूरा बोझ राज्यों पर डाल रही है, जिससे संघीय ढांचा कमजोर होगा और राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह ने इसे श्रमिकों के अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि यह अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर 'दया-दान' की व्यवस्था लागू करने की भाजपा और आरएसएस की साजिश है।

​उपवास कार्यक्रम के समापन के बाद सभी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता इंद्रपुरी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी, ओबीसी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला, सचिव रेणु कुमारी, कोमल कुमारी, वरिष्ठ कांग्रेसी वीरेंद्र कुमार सिंह, लाल बिहारी सिंह, अजय गुप्ता, दिगंबर मेहता, मकसूद आलम, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह, जावेद इकबाल, रघु जायसवाल, उदय पांडेय, ओमप्रकाश गोप, संगीता कुमारी, ओमप्रकाश पासवान, डॉ. प्रकाश यादव, गुड्डू सिंह, मुस्ताक अंसारी, रिंकू कुमार, अनिल कुमार भुईंया, बाबू खान, दरगाही खान, मोहम्मद वारिस, नरसिंह प्रजापति, अजय प्रजापति, नौशाद आलम, मंसूर आलम, निसार अहमद भोला, नागेश्वर मेहता, पंचम पासवान, राजीव कुमार मेहता, विवेक कुमार पासवान, विवेक चौरसिया, मोहम्मद शहबान रजा, अर्जुन नायक, माशूक रजा, राजेश कुमार, शब्बा करीम और सदरूल होदा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे।

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