नशामुक्ति के खिलाफ हज़ारीबाग में महाअभियान, सिंदूर पंचायत में ग्रामीणों ने ली नशा छोड़ने की शपथ, डीएलएसए और मातृभूमि फाउंडेशन की संयुक्त पहल
हजारीबाग: नशामुक्ति के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और समाज को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर हज़ारीबाग में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले मातृभूमि फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह सप्ताहव्यापी अभियान 5 जनवरी से 12 जनवरी तक पूरे जिले में सक्रिय है। इसी कड़ी में रविवार को अभियान ने एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया, जहाँ जिले की लगभग सभी पंचायतों में पारा लीगल वालंटियर्स ने घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। इस मुहिम का मुख्य केंद्र सिंदूर ग्राम पंचायत रही, जहाँ पंचायत भवन में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
सिंदूर पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मंच का संचालन करते हुए मातृभूमि फाउंडेशन के सह-संस्थापक सौरव तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक जीवनशैली की ओर ले जाने वाली एक सार्थक पहल है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जया पाठक ने कहा कि नशा सिर्फ एक सामाजिक बुराई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक तंगी और पारिवारिक बिखराव का भी मुख्य कारण बनता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण सहयोग और सामाजिक समावेश से ही इस लड़ाई को जीता जा सकता है। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि 'अधिकार मित्र' विकास कुमार पांडेय और स्थानीय मुखिया सरोज देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। विकास कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चे अक्सर बड़ों को देखकर ही नशे की लत का शिकार होते हैं, इसलिए सुधार की शुरुआत स्वयं से करनी होगी, तभी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सकेगी।
कार्यक्रम के सबसे महत्वपूर्ण और भावुक हिस्से में उपस्थित सभी ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने एक स्वर में नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। मातृभूमि फाउंडेशन के नेतृत्व में लोगों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और पड़ोस को भी इसके चंगुल से बाहर निकालेंगे। इस दौरान ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और किसी भी विधिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में अधिवक्ता मुकेश कुमार ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के संस्थापक दीपक कुमार सहित अमर, साहिल, शशांक, राखी, मुस्कान और अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


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