झारखण्ड माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026,कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए बरही में अभेद्य सुरक्षा चक्र: केंद्रों के सौ मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू, भीड़ और ध्वनि विस्तारकों पर पूर्ण प्रतिबंध
हजारीबाग। झारखण्ड माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की पवित्रता और शुचिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए बरही अनुमंडल प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 3 फरवरी से शुरू हो रही इन परीक्षाओं के मद्देनजर अनुमंडल दंडाधिकारी जोहन टुडू ने अपनी न्यायिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक सख्त फरमान जारी किया है। विधि-व्यवस्था संधारण और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पूरे अनुमंडल क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 2 फरवरी से प्रभावी होकर परीक्षा समाप्ति यानी 23 फरवरी तक अनवरत जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि को 'नो एंट्री जोन' में तब्दील कर दिया गया है, जहाँ परीक्षार्थियों और प्रतिनियुक्त कर्मियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। इस संवेदनशील दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने अथवा भ्रमण करने पर भी पाबंदी रहेगी ताकि असामाजिक तत्वों के किसी भी जमावड़े को रोका जा सके। इतना ही नहीं, परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र के आसपास किसी भी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेयास्त्र या लाठी-डंडे के प्रदर्शन और परिवहन पर भी कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।
परीक्षा में किसी भी प्रकार के कदाचार को रोकने के लिए प्रशासन ने तकनीक के इस्तेमाल पर भी लगाम लगाई है। परीक्षार्थियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे परीक्षा भवन के भीतर केवल प्रवेश-पत्र और लेखन सामग्री ही ले जा सकेंगे। मोबाइल, टैबलेट, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी या किसी भी प्रकार के डिजिटल उपकरण का प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा। केंद्राधीक्षकों और वीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षार्थियों की सघन तलाशी के उपरांत ही उन्हें प्रवेश की अनुमति दें। साथ ही, परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग न हो, इसके लिए परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को भी प्रतिबंधित किया गया है।
हालांकि, प्रशासन ने मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शादी-विवाह, बारात और शवयात्रा जैसे सामाजिक संस्कारों को इस निषेधाज्ञा के दायरे से बाहर रखा है। अनुमंडल दंडाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को इस आदेश का अक्षरशः और कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है, ताकि क्षेत्र में भयमुक्त और अनुशासित वातावरण में परीक्षाएं संपन्न कराई जा सकें।

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