हाईकोर्ट का सख्त फरमान: हजारीबाग की सभी औद्योगिक इकाइयों को कराना होगा अनिवार्य पंजीकरण, 30 जून तक की समयसीमा तय
हजारीबाग। जिले में संचालित तमाम औद्योगिक इकाइयों के वैधानिक अस्तित्व और उनके सुचारू संचालन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण फरमान जारी हुआ है। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पंकज कुमार वर्णवाल बनाम झारखंड राज्य मामले में पारित सख्त न्यायादेश के अनुपालन में, जिले की प्रत्येक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाई का सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना अब अनिवार्य कर दिया गया है। न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा और उद्योग विभाग के निर्देशों के आलोक में, सभी असंगठित और गैर-पंजीकृत इकाइयों को आगामी 30 जून 2026 तक हर हाल में अपनी वैधता सिद्ध करते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
इस न्यायिक आदेश को अमलीजामा पहनाने और औद्योगिक क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे तमाम औद्योगिक प्रतिष्ठान, जो अब तक उद्योग विभाग, झारखंड के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें 'सिंगल विंडो पोर्टल' के माध्यम से डिजिटल रूप से अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर विशेष व्यवस्था (स्पेस जेनरेट) की है, ताकि उद्यमी बिना किसी परेशानी के विभागीय वेबसाइट https://advantage.jharkhand.gov.in/Single के जरिए अपनी इकाई को सूचीबद्ध करा सकें। यह कदम न केवल न्यायालय के आदेश का पालन है, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का एक व्यवस्थित और प्रमाणित ढांचा तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल है।
उद्यमियों की सुविधा और तकनीकी अड़चनों के त्वरित समाधान के लिए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक कार्यालय को सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने आह्वान किया है कि विशेष जानकारी या प्रक्रियागत जटिलता की स्थिति में संचालक सीधे महाप्रबंधक से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। यह आदेश एक चेतावनी भी है कि 30 जून की समयसीमा बीतने के बाद पंजीकृत न होने वाली इकाइयों को वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, अतः सभी हितधारक समय रहते इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूर्ण कर लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या न्यायिक बाधा उत्पन्न न हो।

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