सत्य और अहिंसा के अमर साधक को नमन: उपायुक्त ने कहा- राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला हैं बापू के सिद्धांत
हजारीबाग। अहिंसा के पुजारी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को हजारीबाग समाहरणालय परिसर श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव से सराबोर रहा। शहीद दिवस के इस गंभीर और पावन अवसर पर जिले के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सत्य के अन्वेषक महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उपायुक्त ने बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें शत-शत नमन किया। इस दौरान वातावरण में बापू के त्याग, तपस्या और बलिदान के प्रति गहरा सम्मान परिलक्षित हुआ। उपायुक्त ने राष्ट्रपिता के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके युगांतकारी व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया।
इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए उपायुक्त श्री सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक नाम नहीं, बल्कि मानवता और नैतिकता की एक ऐसी विचारधारा हैं जो पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने सत्य और अहिंसा को महज एक अस्त्र नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला बताया। उपायुक्त ने उपस्थित जनसमूह और प्रशासनिक अधिकारियों का आह्वान किया कि वे बापू के आदर्शों को केवल रस्मी तौर पर याद न करें, बल्कि उन्हें अपनी कार्यशैली और आचरण में पूरी निष्ठा के साथ आत्मसात करें।
उपायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि आज के परिवेश में गांधीवादी दर्शन की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। एक सशक्त और समृद्ध भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए बापू के सिद्धांतों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता अनिवार्य है। यह दिवस हमें पुन: स्मरण कराता है कि राष्ट्रनिर्माण के महायज्ञ में सत्य, संयम और सेवा ही सर्वोपरि है।


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