नशे के सौदागरों के मंसूबों पर पुलिस का ‘वज्रपात’, ड्रोन की पैनी नजर से 25 एकड़ में लहलहाती ‘मौत की खेती’ हुई खाक
हजारीबाग। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए तस्करों के विरुद्ध निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को चौपारण के सुदूर और दुर्गम वनांचलों में पुलिस और वन विभाग ने एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाकर नशे के सौदागरों के नापाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया। पुलिस की इस सर्जिकल स्ट्राइक ने लगभग 25 एकड़ भूमि पर लहलहा रही अफीम की अवैध फसल को पूरी तरह विनष्ट कर दिया, जिससे क्षेत्र के माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
चौपारण थाना क्षेत्र के ग्राम ढोडिया और अंजन के बीहड़ इलाकों में अफीम की खेती की गुप्त सूचना मिलते ही बरही एसडीपीओ श्री अजित कुमार बिमल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस अभियान की सबसे खास बात आधुनिक तकनीक का प्रयोग रहा। तस्करों ने घने जंगलों की आड़ में इस अवैध कारोबार को छिपा रखा था, लेकिन आसमान में मंडराते पुलिसिया ड्रोन की पैनी निगाहों से वे बच नहीं सके। ड्रोन मैपिंग के जरिए उन दुर्गम स्थलों को भी चिन्हित कर लिया गया जहाँ मानवीय पहुँच कठिन थी। इसके पश्चात, पुलिस बल और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल 25 एकड़ में फैली इस ‘विषबेल’ को नष्ट किया, बल्कि सिंचाई के लिए बिछाए गए छह डिलीवरी पाइपों को भी मौके पर ही जलाकर खाक कर दिया।
इस साहसिक कार्रवाई में बरही अंचल निरीक्षक श्री चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी समेत पुलिस के जांबाज अधिकारियों और वन विभाग के कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान महज एक शुरुआत है। अवैध खेती में संलिप्त अदृश्य चेहरों और भू-माफियाओं का नाम-पता सत्यापित किया जा रहा है, जिनके विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें कानून के शिकंजे में कसा जाएगा। पुलिस की इस तत्परता ने यह साफ संकेत दे दिया है कि हजारीबाग की धरती पर नशे की खेती और तस्करी को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।


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