भारत-अमेरिका व्यापारिक संधि: वैश्विक कूटनीति के क्षितिज पर देदीप्यमान होता सशक्त भारत
हजारीबाग। स्थानीय लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल ने भारत और अमेरिका के मध्य संपन्न ऐतिहासिक व्यापार समझौते का उल्लासपूर्ण अभिनंदन करते हुए इसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के युग में एक 'स्वर्णिम प्रतिमान' के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इस युगान्तकारी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विजनरी नेतृत्व की सराहना करते हुए सांसद ने कहा कि यह मील का पत्थर दोनों महाशक्तियों के मध्य पारस्परिक विश्वास और दीर्घकालिक सामरिक विमर्श को अभूतपूर्व विस्तार प्रदान करेगा।
सांसद मनीष जायसवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ संकल्प और साहसिक नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक पटल पर भारत ने आज एक 'सर्वाधिक विश्वसनीय और सुदृढ़ आर्थिक साझेदार' के रूप में अपनी धाक जमाई है। यह प्रधानमंत्री द्वारा प्रवर्तित ढांचागत सुधारों और स्पष्ट वैचारिक दृष्टिकोण का ही सुफल है कि भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), नवाचार और निवेश का निर्विवाद केंद्र बन चुका है।
इस समझौते के दूरगामी निहितार्थों का विश्लेषण करते हुए सांसद ने कहा कि यह संधि 'मेक इन इंडिया' की संकल्पना को वैश्विक ऊर्जा प्रदान करेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की साख और स्वदेशी उद्यमिता के प्रति वैश्विक विश्वास और अधिक गहरा होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस ऐतिहासिक सहयोग से न केवल उच्च तकनीक और पूंजी निवेश के नए क्षितिज खुलेंगे, बल्कि देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स और ग्रामीण उद्योगों को सीधे वैश्विक मंचों से जुड़ने का सुअवसर मिलेगा। यह प्रगाढ़ आर्थिक युति भविष्य में समावेशी विकास और साझा समृद्धि की दिशा में एक 'निर्णायक स्तंभ' सिद्ध होगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नव-चेतना का संचार होगा और युवा शक्ति के लिए वृहद रोजगार सृजन के द्वार प्रशस्त होंगे।

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