'विकसित भारत' के संकल्प को मूर्त रूप देता युगांतकारी बजट, युवाओं और किसानों के स्वर्णिम भविष्य की लिखी गई पटकथा: रंजन चौधरी
हजारीबाग: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने रविवार को संसद में प्रस्तुत केंद्रीय आम बजट 2026-27 को 'विकसित भारत' की आधारशिला रखने वाला एक ऐतिहासिक और लोक-कल्याणकारी दस्तावेज करार दिया है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आर्थिक कुशलता से उपजा यह बजट महज आय-व्यय का लेखा-जोखा या आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि राष्ट्र के नवनिर्माण का एक सशक्त संकल्प पत्र है जो आने वाले समय में भारत की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने की क्षमता रखता है।
श्री चौधरी ने बजट की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें देश की युवा शक्ति, मातृशक्ति, अन्नदाता किसान और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को सर्वोपरि रखा गया है। शिक्षा, कौशल विकास और स्टार्टअप्स के लिए खोले गए नए आयाम और आवंटित संसाधन यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत के युवाओं के सपनों को अब नई उड़ान मिलेगी और 'आत्मनिर्भर भारत' का मार्ग और अधिक प्रशस्त होगा। आधुनिक अवसंरचना और डिजिटल अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु किए गए अभूतपूर्व प्रावधान इस बात का द्योतक हैं कि भारत अब वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने और एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह सन्नद्ध है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की आय में अभिवृद्धि और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए ठोस कदम सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र को अक्षरशः चरितार्थ करते हैं। मध्यम वर्ग को मिली कर-राहत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए प्रोत्साहन से रोजगार सृजन की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। रंजन चौधरी ने इस सर्वस्पर्शी और जनहितैषी बजट को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक 'मील का पत्थर' निरूपित करते हुए इसे राष्ट्र के स्वर्णिम भविष्य का रोडमैप बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के प्रति कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया।

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