ड्रोन की पैनी नजर और पुलिस का प्रहार- चौपारण के दुर्गम जंगलों में 10 एकड़ अफीम की खेती जमींदोज
हजारीबाग। मादक पदार्थों के काले साम्राज्य के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस ने एक बार फिर अपनी संकल्पबद्धता दोहराते हुए चौपारण के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वन विभाग और चौपारण पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मुर्तिया ग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से लहलहा रही लगभग 10 एकड़ अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस विशेष कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आधुनिक तकनीक का उपयोग रहा जहाँ ड्रोन कैमरों के जरिए उन दुर्गम और पहाड़ी रास्तों को चिन्हित किया गया जहाँ तस्करों ने कानून की नजरों से बचकर जहर की खेती बोई थी।
बरही एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में चली इस दबिश ने तस्करों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच अफीम के पौधों को मौके पर ही रौंद दिया गया और खेती के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चार डिलीवरी पाइपों को भी बरामद कर नष्ट कर दिया गया। इस संयुक्त छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी सहित कई सब-इंस्पेक्टर और वनपाल कुलदीप कुमार ने दुर्गम पहाड़ियों पर मोर्चा संभाला।
प्रशासन अब उन सफेदपोश चेहरों और भू-स्वामियों के सत्यापन में जुट गया है जिनके संरक्षण में वन भूमि पर नशे का यह कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दोहराया है कि ड्रोन की निगरानी और पुलिस का यह प्रहार आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि हजारीबाग की पावन धरती को मादक पदार्थों के इस अभिशाप से मुक्त रखा जा सके।


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