हजारीबाग में मैट्रिक-इंटर परीक्षा की सुचिता पर प्रशासन का कड़ा पहरा, सदर अनुमंडल के सभी केंद्रों पर धारा 163 लागू
हजारीबाग। हजारीबाग सदर अनुमंडल में वार्षिक माध्यमिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अनुमंडल दंडाधिकारी सदर आदित्य पांडेय ने कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। तीन फरवरी से प्रारंभ हो रहे इस शैक्षणिक महाकुंभ में मैट्रिक की परीक्षाएं सत्रह फरवरी तक प्रथम पाली में संचालित होंगी जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षाएं तेइस फरवरी तक द्वितीय पाली में आयोजित की जाएंगी।
इस व्यापक शैक्षणिक अनुष्ठान के निर्विघ्न संचालन के लिए सदर अनुमंडल क्षेत्र में सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है। मैट्रिक हेतु तैंतालीस और इंटरमीडिएट के लिए पैंतीस परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं जहां हजारों परीक्षार्थी अपने भविष्य की इबारत लिखेंगे। परीक्षाओं की पवित्रता अक्षुण्ण रखने और विधि-व्यवस्था संधारण के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है। इस आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों की सौ मीटर की परिधि में परीक्षार्थियों के अतिरिक्त किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा ताकि बाहरी हस्तक्षेप की लेशमात्र भी गुंजाइश न रहे।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र के आसपास किसी भी प्रकार के घातक हथियार लाठी अथवा आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा की गरिमा बनाए रखने हेतु केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अथवा किसी भी प्रकार की चीटिंग सामग्री ले जाना सख्त मना है। इसके अतिरिक्त ध्वनि प्रदूषण को रोकने और छात्रों की एकाग्रता भंग न हो इसके लिए लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर भी पाबंदी लगाई गई है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निषेधाज्ञा का पालन कर परीक्षा के सफल संचालन में सहयोग करें अन्यथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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