🏛️ हजारीबाग: जिला एवं निबंधन अभिलेखागार का औचक निरीक्षण; उपायुक्त हेमंत सती के कड़े निर्देश, गलत निबंधन पर रद्द होंगे डीड राइटरों के लाइसेंस!
हजारीबाग: जिले में सरकारी भूमि अभिलेखों की सुरक्षा, फर्जीवाड़े पर लगाम और निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को जिला अभिलेखागार एवं निबंधन कार्यालय स्थित अभिलेखागार का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर अभिलेखों के संधारण, सुरक्षा व्यवस्था तथा निबंधन प्रक्रिया की गहन समीक्षा की।
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सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 495 (दिनांक: 01.08.2026) के अनुसार, उपायुक्त ने अभिलेखागार कक्ष में रखे पुराने व महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्वयं जांच की और प्रतिनियुक्त कर्मियों की कार्य व्यवस्था का जायजा लिया।
📜ब्रिटिश कालीन अभिलेखों का वैज्ञानिक संधारण; अब वंशावली के बिना नहीं मिलेगी सत्यापित प्रति
उपायुक्त हेमंत सती ने स्पष्ट किया कि हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय होने के कारण यहाँ ब्रिटिश काल के अति प्राचीन और अन्य जिलों से संबंधित महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज संरक्षित हैं। इन सरकारी दस्तावेजों का संधारण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाल के दिनों में गलत व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से सत्यापित प्रतियां (Certified Copies) प्राप्त कर दुरुपयोग करने के मामले सामने आए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित कड़े विधिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- वंशावली अनिवार्य: भूमि अभिलेखों की सत्यापित प्रति केवल वैध उत्तराधिकारियों या अधिकृत व्यक्तियों को ही दी जाएगी। आवेदन के साथ संबंधित अंचल कार्यालय से प्रमाणित वंशावली संलग्न करना अनिवार्य होगा।
- RTI से प्रतियों पर रोक: सरकारी अभिलेखों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भूमि संबंधी प्रतियों को सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
- संरक्षक रसायनों का छिड़काव: पुराने खतियान और दस्तावेजों को कीड़ों व नमी से सुरक्षित रखने के लिए नियमित संरक्षक रसायनों का छिड़काव करने और फाइलों पर अंचल, वर्ष व विवरण स्पष्ट अंकित करने के निर्देश दिए गए।
- सुरक्षा एवं प्रवेश प्रतिबंध: अभिलेखागार में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाएगी।
🚫इजमाल भूमि और गलत निबंधन पर अंचलाधिकारी व डीड राइटरों पर गिरेगी गाज
निबंधन अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त गलत निबंधन संबंधी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए:
- इजमाल (संयुक्त) संपत्ति का नियम: संयुक्त भूमि का निबंधन सभी हिस्सेदारों की सर्वसम्मति एवं विधिसम्मत सहमति के बाद ही होगा।
- डीड राइटरों का लाइसेंस होगा रद्द: यदि कोई डीड राइटर जानबूझकर गलत या भ्रामक डीड तैयार करता है, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाएगा।
- मानक LPC और CO पर कार्रवाई: निबंधन प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए एलपीसी (Land Possession Certificate) का एक मानक प्रारूप निर्धारित किया जाएगा। गैर-मजरूआ या प्रतिबंधित भूमि का गलत LPC जारी करने वाले अंचलाधिकारी (CO) के विरुद्ध सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
उपायुक्त हेमंत सती ने अंत में कहा कि अभिलेखागार के दस्तावेज सरकार की अमूल्य धरोहर हैं और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्रोत (Source): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 495/01.08.2026।
अस्वीकरण (Editorial Disclaimer): यह प्रशासनिक जांच एवं जनहित से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट News Prahari (न्यूज़ प्रहारी) डिजिटल पोर्टल द्वारा नागरिकों की विधिक जागरूकता हेतु प्रकाशित की गई है। इस आलेख में प्रस्तुत सभी तथ्य जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा निर्गत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। हमारी वेबसाइट एडसेंस की सभी नीतियों (Unique High Quality Content, Copyright Safety & User Safety Guidelines) का पूर्णतः पालन करती है।

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