हजारीबाग में सुरक्षा इंतजामों से संवर रहे ब्लैक स्पॉट, ‘सेफ्टी सेटअप डे’ पर प्रशासन ने कसी कमर
हजारीबाग।
सड़क सुरक्षा माह 2026 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ‘सेफ्टी सेटअप डे’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना और परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाना रहा। प्रशासन ने इसके लिए उन संवेदनशील इलाकों और ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता दी जहाँ अक्सर हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
सड़क सुरक्षा को मजबूती देने के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का जाल बिछाया गया है। वाहन चालकों की सुविधा और सतर्कता के लिए नए साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं, जबकि गति पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से रंबल स्ट्रिप्स और सड़कों पर कैट्स आई फिट किए गए हैं। रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर स्पष्ट रोड मार्किंग का काम भी तेजी से किया गया, जिससे अंधेरे में भी चालकों को रास्ता साफ नजर आ सके और वे सुरक्षित यात्रा कर सकें।
इंजीनियरिंग सुधारों के साथ-साथ प्रशासन ने जन-जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया। यातायात विभाग की टीमों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन रक्षक कवच हैं। गति सीमा का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग की आदतों को अपनाने के लिए लोगों से भावुक अपील भी की गई।
अभियान के दौरान प्रवर्तन की कार्रवाई भी देखने को मिली। जिला परिवहन पदाधिकारी बैजनाथ कामती और मोटर यान निरीक्षक विजय गौतम के नेतृत्व में चरही 14 माइल क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों ने न केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की, बल्कि उनकी काउंसलिंग कर उन्हें यातायात नियमों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि सड़क सुरक्षा माह का लक्ष्य केवल नियमों का पालन कराना भर नहीं है, बल्कि समाज में एक ऐसी सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करना है जहाँ हर नागरिक अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बने। इस मुहिम के जरिए प्रशासन का प्रयास है कि सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और अनमोल जिंदगियों को सुरक्षित रखा जा सके।

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