खाकी पर दाग! थाने के ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद सुलगा इचाक, ऐतिहासिक बंदी से प्रशासन को दी सीधी चुनौती
हजारीबाग/इचाक
: इचाक प्रखंड में कानून के रक्षकों पर ही भक्षक बनने के आरोप के बाद उपजा जनाक्रोश अब एक बड़े आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर चुका है। आदर्श युवा संगठन के आह्वान पर बुलाया गया 'इचाक बंद' न केवल ऐतिहासिक रहा, बल्कि इसने पुलिसिया कार्यशैली और नशे के काले कारोबार के गठजोड़ की पोल खोलकर रख दी है। प्रदर्शन का तत्कालिक कारण हाल ही में इचाक थाने के सरकारी वाहन चालक की ड्रग्स बेचते हुए हुई गिरफ्तारी है, जिसने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया है। इस घटना से आक्रोशित होकर इचाक के करीब सौ गांवों की जनता ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी हजारों दुकानें स्वतः स्फूर्त बंद रखीं और प्रशासन को यह कड़ा संदेश दिया कि समाज को खोखला करने वाले नशे के सौदागरों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि जब पुलिस थाने का ड्राइवर ही ड्रग्स और जुए के धंधे में संलिप्त पाया जाए और जेल जाए, तो यह समझने में देर नहीं लगती कि क्षेत्र में नशे का यह अवैध साम्राज्य किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो काम प्रशासन को करना चाहिए था, वह आज जनता को सड़क पर उतरकर करना पड़ रहा है। संगठन के जिला अध्यक्ष रूपेश कुमार ने भी इस मौके पर प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नशा अब गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर खुलेआम बिक रहा है, जिसे रोकने में पुलिस या तो नाकाम है या जानबूझकर आंखें मूंदे बैठी है। हालांकि, संगठन ने पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को जेल भेजने के कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि इस सिंडिकेट की जड़ें बहुत गहरी हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कप्तान से मांग की है कि जांच का दायरा केवल एक ड्राइवर तक सीमित न रहे, बल्कि इस नेटवर्क को संरक्षण देने वाले अन्य पुलिसकर्मियों और सफेदपोशों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। बंद के दौरान इचाक की सड़कों पर उतरे युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि आज हर अभिभावक इस डर के साये में जी रहा है कि कहीं उनका बेटा नशे की लत का शिकार न हो जाए। इस अभूतपूर्व बंदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई अब किसी एक संगठन की न होकर, इचाक के हर उस परिवार की है जो एक नशामुक्त और सुरक्षित समाज का सपना देखता है। जनता ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेताया है कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
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