राजभाषा के उत्कर्ष का उत्सव-
रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग में हिंदी साधकों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
नरेश सोनी विशेष संवाददाता | नई दिल्ली
रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग के प्रशासनिक गलियारों में बुधवार का दिन राजभाषा हिंदी के प्रति अनुराग और सम्मान का साक्षी बना। 'हिंदी पखवाड़ा 2025' के दौरान अपनी भाषाई दक्षता और रचनात्मकता का परिचय देने वाले प्रतिभागियों के लिए आयोजित एक गरिमामयी सम्मान समारोह में विजेताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर अलंकृत किया गया। यह आयोजन न केवल विजेताओं की प्रतिभा का सम्मान था, बल्कि शासकीय कार्यों में हिंदी की स्वीकार्यता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी सिद्ध हुआ।
इस भव्य समारोह में विभाग के उप-महानिदेशक एवं राजभाषा प्रभारी श्री गंगा कुमार तथा आर्थिक सलाहकार एवं प्रशासन प्रभारी श्रीमती दिव्या परमार ने मुख्य रूप से शिरकत की। इन शीर्ष अधिकारियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अपने करकमलों से प्रशस्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने विजेताओं के उत्साह और मनोबल को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सम्मान पाकर विजेताओं के चेहरों पर आत्मसंतोष और गौरव का भाव स्पष्ट परिलक्षित हो रहा था।
पुरस्कार वितरण के उपरांत अधिकारियों ने विजेताओं को साधुवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने उद्बोधन में उप-महानिदेशक और आर्थिक सलाहकार ने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से एक स्वर में आह्वान किया कि वे केवल पखवाड़े तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनंदिन शासकीय कार्यों में राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक और त्रुटिरहित प्रयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदी का प्रयोग बढ़ाना केवल एक संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण की दिशा में एक अनिवार्य कदम है।

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