कानून के लंबे हाथ
: विस्फोटकों और हथियारों का जखीरा रखने वाला दो दशकों से फरार कुख्यात ‘लाल वारंटी’ सुबोध सिंह उर्फ मामा जी अंततः पुलिस की गिरफ्त में
हजारीबाग/दारू: दारू थाना प्रभारी इक़बाल हुसैन ने अपराध जगत पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसके तहत दो दशकों से अधिक समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे एक दुर्दांत अपराधी को अंततः दबोच लिया गया है। यह मामला वर्ष 2004 का है जो सत्र वाद संख्या 564/2004(ए) के रूप में दर्ज था और जिसमें भारतीय दंड विधान की धारा 399 एवं 402 के तहत डकैती की तैयारी और डकैतों के जमावड़े जैसे गंभीर आरोपों के साथ-साथ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की अत्यंत संगीन धाराएं भी शामिल थीं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुबोध सिंह उर्फ दारा सिंह उर्फ मामा जी, पिता बैजनाथ साहू उर्फ बैजनाथ सिंह के रूप में हुई है जो मूल रूप से हजारीबाग जिले के दारू थाना अंतर्गत ग्राम कनौदी का निवासी है। यह अपराधी एक लाल वारंटी था जिसकी पुलिस को अरसे से तलाश थी और जो लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। इस गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन की सतर्कता और सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है। कानूनी औपचारिकताओं और कागजी कार्रवाई को पूर्ण करने के पश्चात पुलिस ने अभियुक्त को रांची स्थित माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थापन हेतु भेज दिया है जहाँ अब उसे अपने किए गए कृत्यों का हिसाब देना होगा।

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