हजारीबाग में खास महाल भूमि को लेकर प्रशासन सख्त: उपायुक्त हेमंत सती ने 30 अक्टूबर तक मांगा सर्वेक्षण रिपोर्ट; लगान वसूली और लीज नवीकरण का तैयार होगा डिजिटल रिकॉर्ड
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
जिला समाहरणालय में खास महाल भूमि के प्रबंधन, लगान वसूली और भूमि रिकॉर्ड के संधारण को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में खास महाल प्रकोष्ठ की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई।
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| Hazaribagh DC Hemant Sati presiding over Khas Mahal cell review meeting at Collectorate |
बैठक में जिले के अंतर्गत आने वाली सभी खास महाल जमीनों की वर्तमान स्थिति, पिछले पांच वर्षों में हुए लीज नवीकरण और राजस्व वसूली की गहन पड़ताल की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
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| Hazaribagh DC Hemant Sati presiding over Khas Mahal cell review meeting at Collectorate |
30 अक्टूबर तक हर हाल में मांगी अंतिम रिपोर्ट
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने खास महाल भूमि के अद्यतन सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने संबंधित अंचल एवं राजस्व अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि खास महाल भूमि से जुड़े सभी सर्वेक्षण कार्यों को तत्काल पूरा करते हुए 30 अक्टूबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट समर्पित करें। प्रशासन का उद्देश्य इस रिपोर्ट के आधार पर जिले में खास महाल भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर आगामी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई को गति देना है।
पुनर्ग्रहित भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए पुख्ता रिकॉर्ड तैयार करने के आदेश
बैठक में उपायुक्त ने खास महाल की पुनर्ग्रहित (Resumed/Reacquired) भूमि के सभी अभिलेख अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्ग्रहित भूमि का स्पष्ट और अद्यतन विवरण रहने से उस पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे व अतिक्रमण को रोका जा सकेगा। इसके साथ ही उपायुक्त ने खास महाल भूमि की मौजावार सूची की समीक्षा करते हुए संबंधित रजिस्टरों और खतियानी दस्तावेजों का बारीकी से मिलान करने को कहा।
सलामी और लगान वसूली के नियमों का होगा कड़ाई से पालन
उपायुक्त हेमंत सती ने खास महाल भूमि की सलामी (Salami) और लगान (Rent) की वसूली से संबंधित राज्य सरकार के नवीनतम संकल्पों, वैधानिक प्रावधानों और नियमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- खास महाल भूमि से जुड़े समस्त अभिलेखों को पूरी तरह अद्यतन रखा जाए।
- सभी पुराने और नए दस्तावेजों का डिजिटल संधारण (Digitization) सुनिश्चित किया जाए ताकि रिकॉर्ड में कोई हेरफेर न हो सके।
- लीज नवीकरण के लंबित मामलों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन किया जाए।
प्रशासन की इस समीक्षा बैठक के बाद राजस्व महकमे में तेजी देखी जा रही है और 30 अक्टूबर की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण दल सक्रिय हो गए हैं।


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