झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी रूपी सोरेन का निधन: रांची के अस्पताल में ली अंतिम सांस; राजनीतिक जगत में शोक की लहर, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने जताया गहरा दुख
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
रांची (न्यूज़ प्रहरी):
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक व दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया है। वे विगत कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्हें गंभीर स्थिति में रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका गहन उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
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| File photo of Rupi Soren, wife of Shibu Soren and mother of Jharkhand Chief Minister Hemant Soren |
अस्पताल में चल रहा था गहन उपचार
उल्लेखनीय है कि रूपी सोरेन को सांस लेने में गंभीर तकलीफ और हृदय संबंधी जटिलताओं के चलते अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। मां की स्थिति नाजुक होने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी प्रस्तावित कैबिनेट बैठक और सभी प्रशासनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे और वे लगातार अस्पताल में मौजूद थे। डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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| File photo of Rupi Soren, wife of Shibu Soren and mother of Jharkhand Chief Minister Hemant Soren |
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने सोशल मीडिया पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि
बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर गहरा शोक प्रकट करते हुए लिखा:
"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित समस्त शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि।"
झारखंड आंदोलन की मूक गवाह और संबल थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन केवल एक मुख्यमंत्री की मां या दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी ही नहीं थीं, बल्कि वे अलग झारखंड राज्य आंदोलन के संघर्षपूर्ण दौर की प्रत्यक्ष गवाह और सोरेन परिवार की सबसे बड़ी संबल थीं। जब शिबू सोरेन अलग राज्य की लड़ाई में जंगलों और गांवों में आंदोलनरत थे, तब रूपी सोरेन ने विषम परिस्थितियों में पूरे परिवार को संभाला और बच्चों को संस्कार दिए। उनका सरल, सादगीपूर्ण और ममतामयी व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।
राजनीतिक व सामाजिक जगत ने जताया शोक
रूपी सोरेन के देहावसान पर राज्य के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे सोरेन परिवार और राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए नेताओं और समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है।


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