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हजारीबाग डेंटल कॉलेज के सुपरवाइजर की हत्या: प्रेम प्रसंग में पवन दास गिरफ्तार; मुफसिल पुलिस का खुलासा

 

प्रेम प्रसंग में डेंटल कॉलेज के स्टोर कीपर की हत्या, मुफसिल पुलिस ने आरोपी पवन कुमार दास को किया गिरफ्तार

​हजारीबाग: जिले के मुफसिल थाना क्षेत्र में हुई दंत चिकित्सा महाविद्यालय (डेंटल कॉलेज) के सुपरवाइजर (स्टोर कीपर) विकास कुमार सिंह की सनसनीखेज हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए मुफसिल थाना पुलिस ने हत्याकांड के प्राथमिक आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

Hazaribagh Dental College के स्टोर कीपर की हत्या का खुलासा! प्रेम प्रसंग में दोस्त ने ही ली जान।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर गठित छापेमारी टीम ने तकनीकी एवं परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धर दबोचा।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को मुफसिल थाने में लिखित सूचना दर्ज कराई गई थी कि डेंटल कॉलेज हजारीबाग में सुपरवाइजर/स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत विकास कुमार सिंह (पिता स्वर्गवासी रवीन्द्र सिंह) की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर दी गई है। मामला संज्ञान में आते ही मुफसिल थाना में कांड संख्या 117/26, धारा 103 (1) / 3 / (5) बी०एन०एस० (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर हजारीबाग के नेतृत्व में मुफसिल थाना प्रभारी पु०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह एवं सशस्त्र बल की विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।

​एक ही युवती से प्यार और सीने की बीमारी बनी हत्या की वजह

​पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या के पीछे की जो कहानी बताई, वह चौंकाने वाली है:

  • ​त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग (Love Triangle): पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार दास ने स्वीकार किया कि वह और मृतक विकास कुमार सिंह, दोनों एक ही लड़की से प्यार करते थे।
  • ​रास्ते से हटाने की साजिश: जब पवन को इस बात की जानकारी हुई, तो उसने विकास को अपने रास्ते से हटाने का खतरनाक प्लान बनाया।
  • ​शराब पिलाकर बेरहमी से हत्या: 18 जुलाई 2026 की देर रात आरोपी पवन दास ने विकास कुमार सिंह को अत्यधिक शराब पिलाई। जब विकास नशे की हालत में सो गया, तो पवन ने उसे जमीन पर मुंह के बल पटक दिया और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई की।
  • ​कमजोरी का उठाया फायदा: आरोपी को पहले से पता था कि विकास के सीने में पेसमेकर/मशीन लगी हुई है। उसने सीधे सीने और नाजुक अंगों पर वार कर विकास की हत्या कर दी।

​गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी

  • ​अभियुक्त का नाम: पवन कुमार दास (उम्र लगभग 35 वर्ष), पिता- सहदेव दास, निवासी- सिहोडीह, थाना- मुफसिल, जिला- गिरिडीह।
  • ​बरामद सामग्री: आरोपी के पास से 1 अदद मोबाइल फोन जब्त किया गया है।

​छापेमारी दल में शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मी

  1. ​पु०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह (थाना प्रभारी, मुफसिल थाना, हजारीबाग)
  2. ​पु०अ०नि० जितेन्द्र भगत (मुफसिल थाना, हजारीबाग)
  3. ​पु०अ०नि० सिद्धनाथ कुमार (अनुसंधानकर्ता, मुफसिल थाना, हजारीबाग)
  4. ​पु०अ०नि० सत्यम (मुफसिल थाना, हजारीबाग)
  5. ​मुफसिल थाना सशस्त्र बल

हजारीबाग: एसपी अमन कुमार ने किया चौपारण थाना का औचक निरीक्षण; लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और वारंटियों की गिरफ्तारी का दिया सख्त निर्देश

चौपारण में एसपी की हाई-लेवल समीक्षा बैठक: अनुसंधान में शिथिलता बर्दाश्त नहीं, कानून का उल्लंघन करने वालों पर बरतें सख्ती

"आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करें और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत बनाएं"— एसपी अमन कुमार

​विशेष संवाददाता, चौपारण

हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने गुरुवार को चौपारण थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति और थाना में दर्ज विभिन्न लंबित कांडों की गहन समीक्षा की। थाना परिसर में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान एसपी ने पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, वारंटियों की गिरफ्तारी तथा फरार अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक तेज करने का कड़ा निर्देश दिया।

🚨 चौपारण थाना में एसपी की बड़ी रेड! अमन कुमार ने लंबित मामलों पर अधिकारियों को दिया कड़ा अल्टीमेटम

​बैठक में एसपी ने थाना क्षेत्र के विभिन्न लंबित मामलों की बिंदुवार विस्तार से समीक्षा की और अनुसंधान कार्यों (Investigation) की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

​सभी ASI और SI के साथ अलग-अलग मामलों पर हुई चर्चा

​निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना के सभी सहायक अवर निरीक्षक (ASI) एवं उप निरीक्षक (SI) के साथ अलग-अलग मामलों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अनुसंधान में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी ली तथा उनके निवारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपराधियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखने का निर्देश देते हुए एसपी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

​एसपी ने थाना के सरकारी अभिलेखों, केस डायरी, लंबित कांडों की वर्तमान स्थिति एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने, समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

​बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

​इस औचक निरीक्षण और समीक्षा बैठक के मौके पर मुख्य रूप से:

  • ​डीएसपी राधा प्रेम किशोर
  • ​सर्किल इंस्पेक्टर अनिल कुमार
  • ​थाना प्रभारी पंकज कुमार
  • ​एसआई सुनील सिंह
  • ​एसआई रतन टुड्डू
  • ​एसआई दिव्य प्रकाश
  • ​एसआई सुरेंद्र राम
  • ​एसआई जगदीश चंद्र प्रधान
  • ​एसआई बादल महतो सहित चौपारण थाना के सभी पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

​📋 न्यूज़ प्रहरी लीगल गाइड (Police Investigation & Case Diary Context)

​📌 केस डायरी और लंबित कांड: जानिए क्यों जरूरी है समय पर अनुसंधान पूरा होना?

  1. ​अनुसंधान (Investigation) की समयसीमा: कानून के अनुसार, किसी भी आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस को एक निश्चित समय के भीतर केस डायरी और चार्जशीट अदालत में दाखिल करनी होती है, ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके।
  2. ​केस डायरी (Case Diary) का महत्व: दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 172 के तहत, जांच अधिकारी को दिन-प्रतिदिन की जांच की कार्यवाही केस डायरी में दर्ज करनी होती है। कोर्ट में मामले को साबित करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है।
  3. ​वारंट और कुर्की: फरार अपराधियों और कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वाले वारंटियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न होने से क्षेत्र में अपराध बढ़ता है, इसीलिए पुलिस मुख्यालय स्तर से इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाती है।

​🔍 संपादकीय विश्लेषण: थानों की मॉनिटरिंग से सुधरेगी कानून-व्यवस्था (Editorial)

​सख्त लहजे और जमीनी समीक्षा से ही थमेगा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अपराध

हजारीबाग के सीमावर्ती और जीटी रोड पर स्थित चौपारण थाना क्षेत्र भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार द्वारा स्वयं थानों का औचक निरीक्षण करना और केस डायरी की समीक्षा करना पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक सराहनीय कदम है।

अक्सर देखा जाता है कि जांच अधिकारियों (IO) पर काम के अत्यधिक दबाव या इच्छाशक्ति की कमी के कारण मामले महीनों और सालों तक लंबित रह जाते हैं, जिससे आम जनता को न्याय के लिए भटकना पड़ता है। एसपी द्वारा एएसआई और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों से सीधे संवाद कर उनकी चुनौतियों को समझना और अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने का निर्देश देना जमीनी स्तर पर बदलाव लाएगा। जरूरत इस बात की है कि इस तरह के औचक निरीक्षण केवल औपचारिक न रहकर नियमित अंतराल पर होते रहें, ताकि पुलिसिंग में पारदर्शिता और गति बनी रहे।

  • ​रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • ​समाचार स्रोत (Source): पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, हजारीबाग जिला।


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