एकमात्र फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट के इस्तीफे के बाद 200 KM दूर रांची भेजने की थी तैयारी; सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी की सक्रियता से टली परेशानी, अब स्थायी नियुक्ति की मांग।
हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में पोस्टमार्टम व्यवस्था को लेकर उत्पन्न संकट अब दूर हो गया है। सांसद मनीष जायसवाल के कड़े निर्देश और उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की प्रशासनिक सक्रियता के बाद अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए 9 चिकित्सकों का साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिया है। इससे परिजनों को शव पोस्टमार्टम के लिए 100 किलोमीटर दूर रिम्स (रांची) ले जाने की नौबत से मुक्ति मिल गई है।
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| हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम सेवा बहाल होने पर जानकारी देते सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी। |
क्या था पूरा मामला?
अस्पताल में एकमात्र कार्यरत फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट के अचानक इस्तीफे के बाद प्रबंधन ने आरटीए और मेडिको-लीगल मामलों के शवों को रिम्स (रांची) रेफर करने का फैसला ले लिया था। इस निर्णय से पीड़ित परिवारों पर 200 किलोमीटर आने-जाने की दूरी, भारी मानसिक तनाव और अत्यधिक आर्थिक खर्च का संकट खड़ा हो गया था। जब एक पीड़ित परिवार ने यह व्यथा सांसद मनीष जायसवाल को बताई, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रतिनिधि रंजन चौधरी को समाधान के लिए निर्देशित किया।
रंजन चौधरी ने सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से संवाद साधा व सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक मामला पहुंचाया। दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से ड्यूटी रोस्टर जारी किया।
9 डॉक्टरों का साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर
अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
- सोमवार: डॉ. अमरेंद्र कुमार सिन्हा
- मंगलवार: डॉ. मनोज कुमार भगत
- बुधवार: डॉ. रवींद्र कुमार वर्मा एवं डॉ. सुप्रभात किरण
- गुरुवार: डॉ. अजय कुमार
- शुक्रवार: डॉ. विक्रम
- शनिवार: डॉ. अंगराज सुभाष चंद्र
- रविवार: पहले, तीसरे व पांचवें रविवार को डॉ. मेघा सिंह तथा दूसरे व चौथे रविवार को डॉ. संजीव कुमार हेम्ब्रम
स्थायी फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग
रोस्टर जारी होने पर राहत जताते हुए सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि यह एक अंतरिम व्यवस्था है। हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय होने के कारण यहां आसपास के जिलों से भी मामले आते हैं। ऐसे में सरकार को अविलंब स्थायी फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट की पदस्थापना करनी चाहिए, ताकि भविष्य में व्यवस्था दोबारा न चरमराए।
