रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार,
वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म
हजारीबाग/रामगढ़
विकास के पथ पर अग्रसर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में अब सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाने वाला है। सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026' के तहत आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ का ऐतिहासिक सिद्धू-कान्हु मैदान एक ऐसे वैवाहिक महाकुंभ का साक्षी बनेगा, जहां अभावों के अंधेरे को चीरकर 101 बेटियों के जीवन में सुखद दांपत्य का सवेरा होगा। इस भव्य आयोजन में न केवल शहनाई की गूंज होगी, बल्कि प्रख्यात सांसद और गायक मनोज तिवारी के सुरों का जादू और कोलकाता के राघव पंडित के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण देवमय हो जाएगा।
सांसद मनीष जायसवाल के 'वार्षिक सेवा कैलेंडर' का यह आयोजन मात्र एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के लिए एक संबल है। वर्ष 2023 में 25 जोड़ों से शुरू हुआ यह सेवा अनुष्ठान अब 101 जोड़ों के महापर्व में परिवर्तित हो चुका है। इस वर्ष के आयोजन की भव्यता किसी 'रॉयल वेडिंग' से कम नहीं होगी। 8 फरवरी की सुबह रामगढ़ की फिजाओं में जब मंगल गीतों की मिठास घुलेगी, तब सुबह 9 बजे एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। 101 सजी-धजी गाड़ियों का काफिला जब दूल्हों को लेकर निकलेगा, तो उसकी अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल करेंगे। झारखंड की माटी की पहचान छऊ नृत्य, आर्ष कन्या गुरुकुल की विदुषियों की झांकियां, ढाक-ताशा की थाप और राज शेरा पार्टी का उल्लास इस बारात को अलोकिक बना देगा। रामगढ़ छावनी परिषद मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली इस शोभायात्रा का 23 स्थानों पर भव्य स्वागत होगा, जहां मातृशक्ति तिलक लगाकर वर पक्ष का अभिनंदन करेंगी।
विवाह स्थल पर प्रवेश के समय 'हे री सखी मंगल गाओ री' की गूंज और सांसद मनोज तिवारी के लोकगीतों के बीच जब वर-वधू एक-दूसरे के गले में जयमाला डालेंगे, तो वह दृश्य अद्भुत होगा। कोलकाता से पधारे राघव पंडित की टीम द्वारा संगीतमय मंत्रोच्चारण के बीच 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण वह होगा जब सांसद मनीष जायसवाल एक पिता और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए 'बाबुल दे दो दुआ आज तो प्यार से' की धुन के बीच 101 बेटियों का कन्यादान करेंगे। इन कन्याओं में कई दिव्यांग बेटियां और एक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी कोच सहित वे बेटियां भी शामिल हैं जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। सांसद जायसवाल ने न केवल इनका घर बसाने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक नव-दंपति को आजीविका के साधन के रूप में एक-एक 'टोटो' (ई-रिक्शा) और गृहस्थी की संपूर्ण सामग्री उपहार स्वरूप भेंट करने का संकल्प लिया है।
इस पुनीत कार्य में नव-दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार सहित समाज और राजनीति जगत की कई दिग्गज हस्तियां मंच पर उपस्थित रहेंगी। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मी और कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने इस आयोजन को मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए आम जनमानस से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और नव-दंपतियों के सुखी जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित करें। निश्चित रूप से, यह आयोजन आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भारतीय संस्कृति, परोपकार और सामूहिक दायित्व बोध की एक नई इबारत लिखने जा रहा है।

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