इबादत की रौशनी में सराबोर होगी झारखंड की फिजा, शब-ए-बारात के मुकद्दस मौके पर सरकार ने किया 4 फरवरी को अवकाश का ऐलान
रांची: झारखंड की आबोहवा में इबादत और अकीदत का रंग घुलने वाला है क्योंकि राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय के पवित्र त्योहार शब-ए-बारात की महत्ता को देखते हुए प्रदेश में आधिकारिक अवकाश की घोषणा कर दी है। गुनाहों से तौबा और पूर्वजों के लिए मगफिरत की दुआ मांगने वाली इस पाक रात के मद्देनजर झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए 4 फरवरी 2026, दिन बुधवार को कार्यपालक आदेश के तहत अवकाश घोषित किया है।
सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह के हस्ताक्षरित इस आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि इबादत की इस रात के अगले दिन सरकारी दफ्तरों में कामकाज नहीं होगा, जिससे रोजेदारों और अकीदतमंदों को अपनी धार्मिक रस्मों को सुकून और इत्मीनान से पूरा करने का अवसर मिलेगा। अधिसूचना संख्या 613 के माध्यम से जारी इस फरमान की प्रतिलिपि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी प्रेषित कर दी गई है ताकि इस सुखद समाचार का प्रसार राज्य के कोने-कोने तक हो सके और सरकारी मुलाजिमों से लेकर आम जनता तक यह सूचना समय रहते पहुँच जाए।
शब-ए-बारात की रात को इस्लाम धर्म में इबादत की विशेष रात माना जाता है, जब मस्जिदों में सजदे किए जाते हैं और कब्रिस्तानों में चिराग रोशन कर पूर्वजों को याद किया जाता है। सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से न केवल प्रशासनिक गलियारों में बल्कि आम जनमानस में भी खुशी की लहर है, क्योंकि अब वे पूरी रात जागकर की जाने वाली इबादत के बाद अगले दिन के दायित्वों से मुक्त रहकर त्योहार की रूहानियत को महसूस कर सकेंगे। यह निर्णय राज्य की गंगा-जमुनी तहजीब और सर्वधर्म समभाव की भावना को भी पुख्ता करता है, जहाँ हर आस्था के सम्मान में प्रशासन सजग दिखाई देता है।

No comments
Post a Comment