हजारीबाग में सियासत और सुरक्षा का शंखनाद, एक ओर दम्पति ने भरी हुंकार तो दूसरी ओर पुलिस ने तोड़ी अपराधियों की कमर
हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक और सामाजिक पटल पर आज दो बड़ी घटनाओं ने हलचल मचा दी जहाँ एक तरफ लोकतंत्र के महापर्व में एक दम्पति ने विकास के वैश्विक दावों के साथ अपनी दावेदारी पेश की वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक शातिर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश कर आमजन को राहत की सांस दी है। चुनावी सरगर्मियों के बीच मेयर पद के लिए शहादत अंसारी और उनकी धर्मपत्नी नाजमा खातून ने समर्थकों के हुजूम और गेंदे के फूलों की मालाओं से लदे होकर जब नामांकन दाखिल किया तो कलेक्ट्रेट परिसर नारों से गूंज उठा। शहादत अंसारी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए हजारीबाग की तुलना दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों से करने का साहस दिखाया और यह संकल्प दोहराया कि यदि जनता ने उन्हें मौका दिया तो वे शहर की सूरत बदल देंगे। शिक्षा और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने अभिभावकों की पीड़ा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का वचन दिया। इसी कड़ी में उनकी पत्नी नाजमा खातून ने एक अत्यंत संवेदनशील और जमीनी मुद्दा उठाते हुए प्रशासन की पोल खोल दी। उन्होंने लाखे क्षेत्र में मंदिर और मजार जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों के बीच बहती गंदे पानी की नाली का जिक्र करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है जो व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है।
वहीं दूसरी ओर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए हजारीबाग पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल छिनतई करने वाले एक संगठित गिरोह का उद्भेदन किया है। दिनांक 2 फरवरी 2026 को हुई एक छिनतई की घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और छह शातिर अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल कुमार गुप्ता, देव कुमार गुप्ता, अमर कुमार उर्फ बबलू, पवन कुमार, मो० हसनैन और सुमित कुमार शामिल हैं जो शहर के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल अपराधियों की गिरफ्तारी हुई बल्कि उनके पास से लूट के 19 मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त दो दुपहिया वाहन (स्कूटी और मोटरसाइकिल) भी बरामद किए गए हैं। इनमें से कई अपराधियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे सदर थाना तथा अन्य थाना क्षेत्रों में कई कांडों में संलिप्त पाए गए हैं। एक ही दिन में घटित ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि हजारीबाग अब बदलाव की दहलीज पर खड़ा है जहाँ एक तरफ जनप्रतिनिधि विकास के नए स्वप्न दिखा रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रशासन कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कृतसंकल्पित है।

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