JAC 10th Result: दारू के लाल दीपक कुमार ने गाड़े सफलता के झंडे, 98.2% अंक लाकर जिले में बने चतुर्थ टॉपर
सरस्वती +2 हाई स्कूल के छात्र की उपलब्धि से क्षेत्र में जश्न, भविष्य में इंजीनियर बनकर देश सेवा का है लक्ष्य
हजारीबाग/दारू: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में हजारीबाग जिले के मेधावी छात्रों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसी कड़ी में दारू प्रखंड के सरस्वती +2 हाई स्कूल के छात्र दीपक कुमार ने जिले की टॉपर्स सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। दीपक ने कुल 98.2% अंक प्राप्त कर हजारीबाग जिले में चौथा स्थान (4th District Rank) हासिल किया है।
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| दीपक कुमार |
जैसे ही बोर्ड द्वारा नतीजों की घोषणा की गई, दारू प्रखंड और विशेष रूप से सरस्वती +2 हाई स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। दीपक की इस असाधारण सफलता पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी। शिक्षकों का कहना है कि दीपक शुरू से ही एक अनुशासित और पढ़ाई के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे प्रखंड को गौरवान्वित किया है।
कठिन परिश्रम और निरंतरता रही सफलता की कुंजी
अपनी सफलता का श्रेय दीपक कुमार ने अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। दीपक ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए एक निश्चित समय सारणी बनाई थी। उन्होंने कहा, "परीक्षा के दौरान घबराने के बजाय मैंने निरंतर अभ्यास और विषयों की गहराई को समझने पर ध्यान केंद्रित किया। शिक्षकों ने हर कदम पर मेरा उत्साहवर्धन किया, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।"
भविष्य के लक्ष्य और प्रेरणा
दीपक कुमार की इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिली है। भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए दीपक ने बताया कि वह आगे की पढ़ाई विज्ञान संकाय से करना चाहते हैं और उनका सपना एक सफल इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है। उनके पिता, जो पेशे से एक साधारण किसान/व्यवसायी (संदर्भ अनुसार) हैं, बेटे की इस उपलब्धि पर भावुक दिखे और कहा कि दीपक की मेहनत आज रंग लाई है।
बधाइयों का तांता
दीपक की इस शानदार जीत पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और शिक्षाविदों ने भी उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों का जिला स्तर पर टॉप करना यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती।

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