हजारीबाग में गूंजा बाबू वीर कुंवर सिंह का जयघोष: सांसद मनीष जायसवाल ने कहा- 'स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे बाबू साहब'
1857 के महानायक की स्मृति में विजयोत्सव का भव्य आयोजन, प्रबुद्धजनों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।
हजारीबाग: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम शंखनाद के महानायक, अदम्य साहस और वीरता के पर्याय बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव गुरुवार को हजारीबाग में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्किट हाउस के समीप स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर आयोजित इस समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों ने हिस्सा लेकर महान सेनानी के बलिदान को याद किया।
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| सांसद मनीष जायसवाल ने अर्पित किए श्रद्धासुमन |
सांसद मनीष जायसवाल ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा, "बाबू वीर कुंवर सिंह केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान, अदम्य साहस और वीरता के साक्षात प्रतीक थे। उन्होंने 80 वर्ष की आयु में जिस प्रकार अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध मोर्चा खोला, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है।" उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के लिए उनके द्वारा दी गई कुर्बानी को सदियों तक याद रखा जाएगा।
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| विद्वानों और समाजसेवियों ने किया याद |
विद्वानों और समाजसेवियों ने किया याद
समारोह के दौरान प्रो. सुनील सिंह ने बाबू कुंवर सिंह के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे महायोद्धाओं के इतिहास को जीवंत रखना हमारा कर्तव्य है। वहीं, समाजसेवी शत्रुघ्न सिंह ने उनके शौर्य की गाथा सुनाते हुए कहा कि बाबू साहब ने अपनी ढलती उम्र की परवाह किए बिना जिस पराक्रम से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए, वह विश्व इतिहास में विरल है।
भव्य माल्यार्पण और श्रद्धांजलि सभा
विजयोत्सव के अवसर पर वीर कुंवर सिंह चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा को फूलों से सजाया गया था। स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने बारी-बारी से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम के दौरान 'बाबू वीर कुंवर सिंह अमर रहें' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य रूप से दहेज उन्मूलन सह उत्थान सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीडी सिंह, बिनोद सिंह, भगवान सिंह, अर्जुन सिंह, संजय सिंह, मंगल सिंह, पंकज सिंह, और दीपक सिंह उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. मिथलेश कुमार, अनूप सिंहा, जितनाथ सिंह, नथु प्रसाद सिंह, संजय सिंहा, आरडी सिंह, मनोज कुमार सरोज, भोला सिंह, आशीष सिंह और बबलू सिंह ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के सफल संचालन में सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, मनोज सिंह और अमित सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्धजनों का सक्रिय सहयोग रहा।
निष्कर्ष
बाबू वीर कुंवर सिंह का यह विजयोत्सव न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह हजारीबाग की जनता द्वारा अपने गौरवशाली इतिहास और वीर पुरखों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम बना। यह आयोजन नई पीढ़ी को राष्ट्र प्रथम की भावना से जोड़ने का एक सफल प्रयास सिद्ध हुआ।


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