हजारीबाग के चरही ब्रिज के पास भीषण सड़क हादसा: बस को बचाने के चक्कर में पलटा ईंट लदा ट्रेलर, चालक-उपचालक की दर्दनाक मौत
रांची-पटना हाईवे पर सड़क किनारे खड़े 4 हाईवा वाहनों से टकराया तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर; टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों के उड़े परखच्चे, चरही पुलिस जांच में जुटी।
Naresh Soni editor in chief.
चरही (हजारीबाग): रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) पर हजारीबाग जिले के चरही ब्रिज के समीप आज अहले सुबह करीब 06:30 बजे एक बेहद खौफनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ईंट लदे ट्रेलर ने सड़क किनारे कतार में खड़े चार हाईवा (Hiwa) वाहनों में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत के बाद ईंट से लदा वह ट्रेलर बीच सड़क पर ही पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इस दर्दनाक हादसे में ट्रेलर के चालक (ड्राइवर) और सहायक (खलासी) की मौके पर ही मौत हो गई है।
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| Pratyaksh Photo. |
हादसे का घटनाक्रम: एक नज़र में
बस को बचाने की कोशिश: जानकारी के अनुसार, ईंट से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर रांची से पटना की ओर जा रहा था, तभी अचानक सामने आई एक यात्री बस को बचाने के प्रयास में ट्रेलर चालक ने वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया।
श्रृंखलाबद्ध टक्कर: अनियंत्रित होते ही ट्रेलर ने सड़क के किनारे खड़े चार हाईवा वाहनों में एक के बाद एक बेहद शक्तिशाली टक्कर मारी।
वाहनों के उड़े परखच्चे: टक्कर की भयावहता इतनी अधिक थी कि सड़क किनारे खड़े अन्य हाईवा और ट्रेलर के अगले-पिछले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए। दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ईंटें बिखर गईं और चीख-पुकार मच गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय चरही थाना की पुलिस बल मुस्तैदी दिखाते हुए दल-बल के साथ तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हाईवे पर बिखरी ईंटों और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल करने की कवायद तेज कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से छानबीन में जुट गया है।
✍️ शॉर्ट सम्पादकीय (Short Editorial):
शीर्षक: नेशनल हाईवे पर 'अवैध पार्किंग' कब तक बनती रहेगी डेथ वारंट?
हजारीबाग के चरही ब्रिज के पास हुआ यह भीषण हादसा केवल एक 'दैवीय दुर्घटना' नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों की लगातार हो रही आपराधिक अनदेखी का एक और खौफनाक सुबूत है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेलर चालक ने एक यात्री बस को बचाने के चक्कर में नियंत्रण खोया, जो हाईवे पर बेलगाम रफ्तार और ओवरटेकिंग की जानलेवा होड़ को उजागर करता है। लेकिन इस त्रासदी का दूसरा और सबसे गंभीर पहलू सड़क किनारे खड़े वे चार भारी हाईवा वाहन हैं, जिनसे टकराकर दो जिंदगियां पल भर में खत्म हो गईं।
रांची-पटना जैसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के किनारे भारी वाहनों और क्रेन-हाइड्रा की अवैध पार्किंग अब एक परमानेंट 'ब्लैक स्पॉट' बनती जा रही है। जब भी कोई तेज रफ्तार वाहन किसी आपात स्थिति में कट लेता है, तो किनारे खड़े ये भारी लोडिंग वाहन उनके लिए एक 'सॉलिड वॉल' (लोहे की दीवार) की तरह मौत का जाल बन जाते हैं। चरही पुलिस को इस मामले में केवल दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज करके नहीं रुकना चाहिए; बल्कि एनएचएआई (NHAI) और जिला प्रशासन को यह कड़ा नोटिस लेना होगा कि हाईवे की मुख्य लेन या सर्विस रोड को 'रेंट-फ्री पार्किंग' में तब्दील करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? जब तक अवैध पार्किंग और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति नहीं अपनाई जाएगी, तब तक हमारे हाईवे यूं ही बेगुनाहों के खून से लाल होते रहेंगे।

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