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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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यूएन महासभा के बाद लैटिन अमेरिकी देशों के राष्ट्रपतियों से मिले बेंजामिन नेतन्याहू: 'इसाक समझौते' के विस्तार और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर जोर

संयुक्त राष्ट्र में भाषण के बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पराग्वे, पनामा व बोलीविया के राष्ट्रपतियों संग की उच्चस्तरीय बैठक।
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​यूएन महासभा के बाद लैटिन अमेरिकी नेताओं के साथ इजरायल के प्रधानमंत्री की अहम बैठक: 'इसाक समझौते' के विस्तार और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का आह्वान

​नरेश सोनी, प्रधान संपादक

​यरूशलेम / न्यूयॉर्क (न्यूज़ प्रहरी):

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के उपरांत इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लैटिन अमेरिकी देशों के शीर्ष नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक की। इस बैठक में पराग्वे के राष्ट्रपति, पनामा के राष्ट्रपति और बोलीविया के राष्ट्रपति शामिल हुए। इससे पूर्व नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की थी।

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu holding joint meeting with Latin American presidents at UN General Assembly

​'इसाक समझौते' के दायरे को बढ़ाने पर चर्चा

यह उच्चस्तरीय बैठक 'इसाक समझौते' (Isaac Accords) के दायरे को लैटिन अमेरिका तक विस्तारित करने की संभावनाओं के तहत आयोजित की गई। इस समझौते का मूल उद्देश्य इजरायल और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना तथा अर्थव्यवस्था, नवाचार (इनोवेशन), सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी स्थापित करना है।

​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इजरायल और कई लैटिन अमेरिकी देशों के बीच निरंतर प्रगाढ़ हो रहे आत्मीय संबंधों का स्वागत किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल की सुरक्षा का समर्थन करने और उसके साथ खड़े रहने के लिए सभी उपस्थित राष्ट्रपतियों का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने इन देशों से 'इसाक समझौते' की पहल से औपचारिक रूप से जुड़ने का आग्रह किया।

​ईरान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रेखांकित किया कि वे लैटिन अमेरिकी महाद्वीप के देशों को आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक संघर्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान और उसके छद्म (प्रॉक्सी) आतंकी संगठनों ने पूर्व में भी लैटिन अमेरिका की धरती पर अपनी गतिविधियां संचालित की हैं और वर्तमान में भी वे इस पूरे महाद्वीप की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। ऐसे में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुफिया और रक्षा क्षेत्र में परस्पर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

​(वीडियो साभार: ओमर मिरोन - जीपीओ / विवरण स्रोत: इजरायल के प्रधानमंत्री का आधिकारिक फेसबुक पेज)

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