चतरा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: एसडीओ कार्यालय का प्रधान लिपिक (बड़ा बाबू) 15 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; कोर्ट के आदेश की नकल देने के लिए मांग रहा था रिश्वत
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
चतरा / हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार शिकंजा कसते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने गुरुवार, 08 अक्टूबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की विशेष ट्रैप टीम ने चतरा अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के प्रधान लिपिक (बड़ा बाबू) बासुदेव राम को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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| Anti-Corruption Bureau Hazaribagh press release regarding arrest of Chatra SDO office head clerk Basudev Ram taking bribe |
जमीन विवाद के फैसले की नकल (सर्टिफाइड कॉपी) देने के लिए मांगी थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, हंटरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेला निवासी बिलास यादव (उम्र 60 वर्ष, पिता- स्वर्गीय केशर यादव) के दादा अन्हक्ष महतो वगैरह के नाम से ग्राम बेला में खाता संख्या-38, प्लॉट संख्या-183 में 52 डिसमिल जमीन दर्ज है। इस जमीन को गांव के ही प्रेमन यादव वगैरह ने अपनी जमीन बताते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी चतरा के न्यायालय में वाद संख्या-10/2018 दायर किया था।
एसडीओ चतरा के न्यायालय द्वारा सुनवाई के उपरांत दूसरे पक्ष की दावेदारी को गलत ठहराते हुए बिलास यादव (वादी) के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। वादी बिलास यादव जब पारित आदेश की नकल (कॉपी) प्राप्त करने के लिए एसडीओ कार्यालय के बड़ा बाबू बासुदेव राम से मिले, तो उन्होंने नकल देने के एवज में रिश्वत की मांग शुरू कर दी और स्पष्ट कह दिया कि जब तक पैसा नहीं दोगे, तब तक नकल नहीं मिलेगी।
सत्यापन में सही पाया गया आरोप, 7 अक्टूबर को दर्ज हुई प्राथमिकी
रिश्वत देने के अनिच्छुक बिलास यादव ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग से की। एसीबी के सत्यापनकर्ता द्वारा तकनीकी यंत्रों के माध्यम से मामले का गोपनीय व विधिवत सत्यापन कराया गया।
जांच के क्रम में आरोपी प्रधान लिपिक बासुदेव राम द्वारा वादी से 15,000 रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एसीबी हजारीबाग थाना में कांड संख्या-10/2026, दिनांक 07.10.2026 दर्ज किया गया।
ट्रैप टीम ने बिछाया जाल, घूस लेते ही धर दबोचा
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एसीबी हजारीबाग द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
गुरुवार, 08 अक्टूबर 2026 को जैसे ही योजनाबद्ध तरीके से आवेदक बिलास यादव ने प्रधान लिपिक बासुदेव राम को 15,000 रुपये रिश्वत की राशि सौंपी, मौके पर मुस्तैद एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसीबी कार्यालय हजारीबाग लाया गया है, जहां आवश्यक पूछताछ और विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
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