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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक राजीव कुमार की तीन दशक की प्रसारण यात्रा पूरी: 30 सितंबर को हुए सेवानिवृत्त, आवाज के जादू से श्रोताओं के दिलों में बनाई अमिट छाप

आकाशवाणी हजारीबाग के वरिष्ठ उद्घोषक राजीव कुमार 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए। 34 वर्षों की सुरीली व आत्मीय प्रसारण यात्रा पर विशेष रिपोर्ट।
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आवाज की वह दुनिया जिसने हजारीबाग के रेडियो श्रोताओं के दिलों में बनाई खास पहचान: आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक राजीव कुमार हुए सेवानिवृत्त; 'वी कैन डू वंडर' के मंत्र से तीन दशक तक बिखेरा जादू

​नरेश सोनी, प्रधान संपादक

​हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):

कुछ आवाजें सिर्फ कानों तक नहीं पहुंचतीं, वे श्रोताओं की स्मृतियों और जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाती हैं। रेडियो और आकाशवाणी की दुनिया में ऐसी ही एक प्रतिष्ठित और आत्मीय पहचान रखने वाले वरिष्ठ उद्घोषक राजीव कुमार 30 सितंबर 2026 को अपनी लंबी और गौरवशाली सेवा के उपरांत सेवानिवृत्त हो गए हैं। तीन दशक से अधिक (लगभग 34 वर्षों) की अपनी इस अविस्मरणीय प्रसारण यात्रा में उन्होंने अपनी दमदार, खनकदार आवाज, नपे-तुले शब्दों और संवाद की आत्मीय शैली के दम पर आकाशवाणी के लाखों श्रोताओं के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है।

Senior Akashvani announcer Rajiv Kumar at All India Radio Hazaribagh studio

​अक्टूबर 1992 से शुरू हुआ सुरीला सफर

राजीव कुमार की आवाज का सफर अक्टूबर 1992 में आकाशवाणी हजारीबाग से एक आकस्मिक उद्घोषक (Casual Announcer) के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर वे नियमित उद्घोषक के रूप में चयनित हुए और 10 मार्च 1999 को आकाशवाणी डालटनगंज में विधिवत योगदान दिया। वहां लगभग चार वर्ष अपनी सेवाएं देने के बाद 24 मई 2003 को वे पुनः आकाशवाणी हजारीबाग स्थानांतरित हुए। तब से लेकर अपनी सेवानिवृत्ति तक वे हजारीबाग केंद्र की मुख्य पहचान बने रहे।

​राष्ट्रपति स्काउट से रेडियो स्टूडियो तक का अनुशासन

राजीव कुमार की प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा नावाडीह, गिरिडीह और हजारीबाग के जिला स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने हिंदू हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। स्कूल के दिनों से ही उनके भीतर अनुशासन और समाज सेवा का भाव था। वे स्काउट एवं गाइड से जुड़े और वर्ष 1980 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी के हाथों ‘राष्ट्रपति स्काउट’ का राष्ट्रीय प्रमाण पत्र प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। यही अनुशासन आगे चलकर उनके प्रसारण जीवन का संबल बना—समय की पाबंदी, आवाज में गरिमामयी ठहराव और श्रोताओं से सहज जुड़ाव।

​‘आपके संदेश-आपके गीत’ से ‘सुनहरा सफर’ तक: विविधता से भरी प्रस्तुति

फिल्म संगीत पर गहरी पकड़ के कारण उन्होंने आकाशवाणी के कई बेहद लोकप्रिय कार्यक्रमों का न केवल संचालन किया, बल्कि उनका मौलिक निर्माण भी किया।

  • ​‘आपके संदेश-आपके गीत’, ‘पत्रोत्तर’, ‘खेलेंगे शान से’, ‘गीतों की महफिल’, ‘अंत्याक्षरी’, ‘आपकी योजना’, ‘बच्चों की फुलवारी’, रेडियो नाटक और विशेष रूपक उनके चर्चित कार्यक्रम रहे।
  • ​सिनेमा के 100 वर्ष पर विशेष श्रृंखला: वर्ष 2013 में भारतीय सिनेमा के 100 वर्ष पूरे होने पर उनके द्वारा प्रस्तुत साप्ताहिक श्रृंखला ‘सुनहरा सफर-फिल्म संगीत का’ मील का पत्थर साबित हुई। इसमें उन्होंने 'आलम आरा' के दौर से लेकर आधुनिक संगीत तक, कानन देवी, के.एल. सहगल, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार से लेकर अरिजीत सिंह तक के सफर को ऐतिहासिक प्रसंगों के साथ पिरोया।
  • ​हस्तियों से आत्मीय साक्षात्कार: उन्होंने संगीतकार बप्पी लहरी, उत्तम सिंह, भजन सम्राट अनूप जलोटा, संगीतकार नौशाद के पुत्र रहमान नौशाद, गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के पुत्र अंदलीब सुल्तानपुरी, आवाज के जादूगर अमीन सायानी, हरीश भीमानी और अभिनेता हेमंत चौधरी जैसी राष्ट्रीय हस्तियों से संवाद कर रेडियो को अनुभवों का साझा मंच बनाया।
  • ​वर्ष 1996 में आकाशवाणी के वार्षिक पुरस्कारों में उनके विशेष वृत्त-रूपक ‘संचार तंत्र की छांव में, दुनिया बदली गांव में’ को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था।

​कोरोना काल में बने जन-जागरूकता का संबल

कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में जब लोग घरों में कैद थे, तब राजीव कुमार ने ‘घर में रहें, सजग रहें, सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें’ जैसे जीवंत और दैनिक कार्यक्रमों का लगातार प्रसारण कर लोगों का हौसला बढ़ाया और सटीक सूचनाएं पहुंचाईं। उनका मानना रहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद एक स्थानीय रेडियो स्टेशन से भी राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का निर्माण संभव है।

​'वी कैन डू वंडर': सकारात्मकता का मंत्र

राजीव कुमार का जीवन मंत्र रहा है— "वी कैन डू वंडर" (We Can Do Wonder)। उनके ये शब्द उनके भीतर की सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास को दर्शाते हैं, जिससे वे नई पीढ़ी को निरंतर प्रेरित करते रहे हैं।

​सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने दी भावभीनी शुभकामनाएं

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने राजीव कुमार के कृतित्व और व्यक्तित्व को नमन करते हुए कहा कि वे भले ही 30 सितंबर 2026 को आकाशवाणी से सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन उनकी आवाज का जादू और आत्मीयता समाज और श्रोताओं के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने मां शारदे से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन और निरंतर सक्रियता की मंगलकामना की।

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