मतवारी म्युनिसिपल शॉप में नगर निगम की कड़ी कार्रवाई: वर्षों से लाखों रुपये किराया दबाए बैठे दो दुकानदारों की दुकानें सील, 20 हजार से अधिक बकायेदारों को 15 दिनों का अल्टीमेटम
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
हजारीबाग नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में म्युनिसिपल दुकानों का बकाया किराया नहीं चुकाने वाले बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर मतवारी स्थित म्युनिसिपल शॉप की दो दुकानों को विधिवत सील कर दिया गया। दोनों दुकानों पर वर्षों से लाखों रुपये का किराया बकाया चल रहा था।
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| Hazaribagh municipal corporation enforcement team sealing municipal shops in Matwari area |
इन दो दुकानों पर चला निगम का डंडा
नगर निगम की राजस्व एवं प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर निम्नलिखित दुकानों को सील करने की कार्रवाई की:
- दुकान संख्या 05: यह दुकान विजय प्रसाद (पिता: पुनीत साहा) के नाम पर आवंटित थी। इन पर विगत 5 वर्षों से अधिक समय से कुल ₹1,15,000/- से अधिक का किराया बकाया था।
- दुकान संख्या 23: यह दुकान निशा सिंह (पति: मनोज कुमार सिंह) के नाम पर आवंटित थी। इन पर पिछले 8 वर्षों से अधिक समय से ₹1,50,000/- से अधिक की भारी राशि बकाया थी।
बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाये का भुगतान न किए जाने पर अंततः निगम प्रशासन ने दोनों दुकानों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
20 हजार से अधिक बकायेदारों को 15 दिनों की अंतिम मोहलत
कार्रवाई के दौरान उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जिन आवंटियों का किराया लंबे समय से लंबित है अथवा जिन पर ₹20,000/- से अधिक की राशि बकाया है, वे अविलंब नगर निगम कोष में अपना बकाया जमा कराएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी बकायेदारों को 15 दिनों का समय दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो आगामी 15 दिनों के बाद उनके खिलाफ भी सीलिंग की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सील होने के एक सप्ताह में रद्द होगा आवंटन, नए सिरे से होगी लीज
उप नगर आयुक्त ने यह भी अवगत कराया कि अंतिम नोटिस निर्गत होने के बाद भी यदि संबंधित आवंटी द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो दुकान को तुरंत सील कर दिया जाएगा। सील करने के एक सप्ताह के भीतर संबंधित आवंटी का आवंटन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन दुकानों की पुनः लीज (Re-lease) की जाएगी और किसी अन्य जरूरतमंद व नियम का पालन करने वाले व्यक्ति को दुकान आवंटित कर दी जाएगी।
अभियान दल में ये अधिकारी व कर्मी रहे शामिल
सीलिंग की इस त्वरित कार्रवाई को नगर प्रबंधक एवं टीम प्रभारी उपेंद्र कुमार की देखरेख में पूरा किया गया। अभियान दल में मुख्य रूप से राजस्व निरीक्षक धर्मेंद्र प्रसाद, तहसीलदार सूरज कुमार तथा निगम के मार्शल बबलू कुमार एवं रवि कुमार उपस्थित थे। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद से अन्य डिफॉल्टर दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।

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