रात्रि के अंधकार में लगाए जा रहे अवैध यूनीपोल बन रहे जानलेवा, नगर निगम ने संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को दिया कड़ा निर्देश
संवाददाता, हजारीबाग:
हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख एवं संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए अवैध विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग संरचनाओं (Hoarding Structures) पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की हालिया बोर्ड बैठक में इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद, सहायक नगर आयुक्त की ओर से एक आधिकारिक आम सूचना जारी की गई है। इसके तहत सभी संबंधित व्यक्तियों, फर्मों और विज्ञापन एजेंसियों को विधिक रूप से निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने अनधिकृत ढांचे स्वतः हटा लें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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इन प्रमुख और संवेदनशील स्थलों पर हुआ अवैध अधिष्ठापन
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर सक्षम प्राधिकार की बिना किसी पूर्व अनुमति, प्रशासनिक स्वीकृति अथवा पंजीकरण के बड़े पैमाने पर असुरक्षित ढंग से होर्डिंग्स और यूनीपोल खड़े किए गए हैं। इन चिन्हित स्थानों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पीटीसी चौक (PTC Chowk)
- भारत माता चौक (Bharat Mata Chowk)
- इमली कोठी (Imli Kothi)
- शिमला रेस्ट हाउस के सामने का क्षेत्र
- झील (लेक) के समीपवर्ती क्षेत्र तथा अन्य प्रमुख मार्ग।
विशेष बात यह है कि इन भारी-भरकम विज्ञापनों को विधिक प्रक्रियाओं से बचने के लिए रात्रि के अंधकार में छिपकर अधिष्ठापित किया गया है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
एक नागरिक के गंभीर रूप से घायल होने के बाद जागा प्रशासन
इस प्रशासनिक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा कारण भी सामने आया है। हाल ही में एक असुरक्षित और कमजोर होर्डिंग संरचना के अचानक गिर जाने के कारण इसकी चपेट में आने से एक स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय, जानलेवा और अनपेक्षित दुर्घटना की पुनरावृत्ति को रोकने तथा आमजन के जीवन एवं संपत्ति को अपूरणीय क्षति से बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाना अपरिहार्य हो गया था। इसके अतिरिक्त, इन विधि-विरुद्ध संरचनाओं के कारण नगर निगम को भारी राजस्व (Revenue Loss) की हानि भी उठानी पड़ रही है।
72 घंटे का अल्टीमेटम और 'कारण बताओ' नोटिस
सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम हजारीबाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस विधिक नोटिस की तामिला की तिथि से 72 घंटे के भीतर संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को अपने सभी अवैध होर्डिंग्स और यूनीपोल को हटाना होगा। इसके साथ ही उन्हें अधोहस्ताक्षरी के समक्ष अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) भी प्रस्तुत करना होगा।
यदि किसी एजेंसी को इस आदेश के क्रियान्वयन में कोई विधिक आपत्ति है, तो उन्हें इसी 72 घंटे की निर्धारित समयावधि के भीतर इसका तार्किक कारण स्पष्ट करना होगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि कोई अवैध संरचना स्थल पर पाई जाती है, तो नगर निगम अपने विभागीय संसाधनों का उपयोग कर उन्हें बलपूर्वक हटाकर जब्त कर लेगा। इस पूरी हटाने की प्रक्रिया में आने वाली संपूर्ण लागत राशि की वसूली विधिक जाँचोपरांत सीधे उत्तरदायी पक्ष (संबंधित एजेंसी/व्यक्ति) से की जाएगी।

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