गांधी जयंती व शास्त्री जयंती पर हजारीबाग कांग्रेस ने महापुरुषों को किया नमन: जिला सचिव देवेंद्र राम बोले— सत्य, अहिंसा और सादगी ही राष्ट्र की असली ताकत
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के पावन अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने दोनों युगपुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव देवेंद्र राम ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया तथा उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।
![]() |
| Congress district secretary Devendra Ram garlanding portraits of Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri on 157th and 122nd birth anniversary in Hazaribagh |
| महात्मा गांधी की 157वीं जयंती: सत्य और अहिंसा का वैश्विक संदेश |
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (जन्म: 2 अक्टूबर 1869) की 157वीं जयंती पर उनके योगदान को रेखांकित करते हुए जिला सचिव देवेंद्र राम ने कहा कि बापू ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का जो मार्ग विश्व को दिखाया, वह आज भी लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और मानवीय अधिकारों के संरक्षण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में जब सामाजिक सौहार्द को चुनौती मिल रही है, तब गांधीजी के विचार, उनकी सर्वोदय की भावना और स्वच्छता का संकल्प पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
शास्त्री जी की 122वीं जयंती: 'जय जवान, जय किसान' की अमर प्रेरणा
वहीं देश के दूसरे प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904) की 122वीं जयंती पर श्रद्धा निवेदित करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन सादगी, शुचिता, स्वाभिमान और निष्कलंक राष्ट्र सेवा का अनुपम उदाहरण है। 1965 के दौर में 'जय जवान, जय किसान' का उद्घोष कर उन्होंने देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों और देश का पेट भरने वाले अन्नदाताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया था।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा ही सच्ची श्रद्धांजलि
देवेंद्र राम ने समस्त देशवासियों एवं जिलेवासियों को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना ही इन दोनों महापुरुषों के प्रति सच्ची व सार्थक श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें