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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की बदलेगी सूरत: स्वास्थ्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश, बेहतर सुविधाओं पर जोर

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की बदलेगी सूरत: स्वास्थ्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश, बेहतर सुविधाओं पर जोर

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शेख भिखारी अस्पताल का किया गहन निरीक्षण, निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट और वार्डों की जांची कार्यप्रणाली

हजारीबाग: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बुधवार को हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का विस्तृत दौरा किया। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान उनके साथ जिले के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है।

Health Secretary Ajay Kumar Singh inspecting Sheikh Bhikhari Medical College Hazaribagh with DC Shashi Prakash Singh.

मरीजों से लिया फीडबैक और जांचे चिकित्सा उपकरण

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने मेडिसिन, मनोचिकित्सा, स्किन और नेत्र विभागों का भ्रमण कर वहां मौजूद उपकरणों की क्रियाशीलता देखी। उन्होंने सर्जरी वार्ड में भर्ती महिला मरीजों से सीधे संवाद किया और अस्पताल द्वारा दी जा रही दवाओं व सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानी। सचिव ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

Health Secretary Ajay Kumar Singh inspecting Sheikh Bhikhari Medical College Hazaribagh with DC Shashi Prakash Singh_2

अस्पताल प्रबंधन को मिले ये प्रमुख निर्देश

अल्ट्रासाउंड मशीनों में वृद्धि: मरीजों की लंबी कतारों को देखते हुए सचिव ने मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि जांच रिपोर्ट में देरी न हो।

सुरक्षा और निगरानी: आईसीयू वार्डों में बेहतर मॉनिटरिंग के लिए तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया।

बुनियादी ढांचा: पुराने और जर्जर भवनों को हटाने के निर्देश दिए गए ताकि परिसर में खुला स्थान मिल सके। साथ ही दरवाजों की मरम्मत और लाइटिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही।

ऑक्सीजन पाइपलाइन: अस्पताल में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु पाइपलाइन सिस्टम की नियमित जांच के निर्देश दिए गए।

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निर्माणाधीन भवन और शैक्षणिक गुणवत्ता पर फोकस

सदर अस्पताल के बाद सचिव ने मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन मुख्य भवन, हॉस्टल और डॉक्टर क्वार्टर का जायजा लिया। उन्होंने अभियंताओं को निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने की चेतावनी दी। बैठक में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक स्तर पर चर्चा करते हुए पीजी सत्र को समय पर पूरा करने और छात्रों के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

बरही और विष्णुगढ़ में भी मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवा

परिसदन में आयोजित समीक्षा बैठक में अजय कुमार सिंह ने कहा कि बरही में स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास जिला अस्पताल के स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने विभागाध्यक्षों को ओपीडी, नर्सिंग सेवा और साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी। साथ ही अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों को जल्द क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

हजारीबाग: डीसी शशि प्रकाश सिंह ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, टीबी-कुष्ठ जांच और 'अबुआ स्वास्थ्य कार्ड' में तेजी लाने का निर्देश

हजारीबाग: डीसी शशि प्रकाश सिंह ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, टीबी-कुष्ठ जांच और 'अबुआ स्वास्थ्य कार्ड' में तेजी लाने का निर्देश

हजारीबाग। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को हजारीबाग समाहरणालय सभाकक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की गई।

हजारीबाग समाहरणालय में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारी।

उपायुक्त (डीसी)  शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की इस समीक्षा बैठक में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीबी मरीजों की पहचान और हाट-बाजारों में स्क्रीनिंग पर जोर

बैठक के दौरान डीसी ने क्षय रोग (टीबी) नियंत्रण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में टीबी के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, वहां व्यापक स्तर पर सैंपल संग्रह कर विशेष जांच अभियान चलाया जाए। मरीजों को नियमित दवाएं मिलें और वे इसका सेवन करें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, गैर-संचारी रोगों (NCD) की स्क्रीनिंग में तेजी लाने के लिए ग्रामीण हाट-बाजारों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने और उसका डेटा पोर्टल पर नियमित दर्ज करने का निर्देश दिया गया।

पीवीटीजी क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर, 10 दिनों का मिला लक्ष्य

आरोग्य मंदिर योजना के प्रभावी संचालन का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं। कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के संदिग्ध मामले मिलने पर पूरे टोले और आसपास के इलाके में व्यापक जांच अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को आगामी 10 दिनों के भीतर कुष्ठ रोग के साथ-साथ अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने को कहा गया है।

स्कूलों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच और कार्ड निर्माण में आएगी तेजी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और 'एनीमिया मुक्त भारत' की समीक्षा करते हुए डीसी ने निर्देश दिया कि चिकित्सक नियमित रूप से स्कूलों का भ्रमण करें। बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर डेटा अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसके अलावा, जिले में 'आयुष्मान भारत योजना' और 'अबुआ स्वास्थ्य कार्ड' बनाने के कार्य में युद्धस्तर पर तेजी लाने का निर्देश दिया गया ताकि जरूरतमंदों को समय पर मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके।

अस्पतालों में प्रदर्शित होगी स्वास्थ्य सेवाओं की सूची

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी चिकित्सा प्रभारियों (MOIC) को निर्देश दिया गया है कि वे सभी सामुदायिक (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में सरकार द्वारा निर्धारित मानक स्वास्थ्य सेवाओं की सूची प्रमुखता से प्रदर्शित करें। एम्बुलेंस सेवाओं, वैक्सीन प्रबंधन, ओपीडी के सुचारू संचालन और दवाओं के प्रभावी प्रबंधन पर भी विशेष फोकस रखा गया। सिविल सर्जन को हर सप्ताह सभी एमओआईसी के साथ बैठक कर प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने बैठक के अंत में सभी स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों, नर्सों, एएनएम और सहियाओं को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, मलेरिया और कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, सभी एमओआईसी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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