बिहार के राघोपुर में हृदयविदारक नाव हादसा: गंगा नदी में नाव पलटने से 14 बच्चों की दर्दनाक मौत; भोज खाकर लौटते वक्त हुआ हादसा, गांव में मचा कोहराम
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
पटना / वैशाली (न्यूज़ प्रहरी):
बिहार के वैशाली जिला अंतर्गत राघोपुर दियारा क्षेत्र में गंगा नदी में एक अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। एक पुरानी और खचाखच भरी देशी नाव के गंगा नदी में असंतुलित होकर पलट जाने से करीब 30 लोग पानी में डूब गए। इस भीषण जल त्रासदी में अब तक 14 मासूम बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार और मातम का माहौल है।
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| SDRF and rescue teams searching in Ganga river after boat capsize in Raghopur Vaishali Bihar |
भोज खाकर लौट रहे थे बच्चे, बीच धारा में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, राघोपुर दियारा के रामपुर इलाके से बड़ी संख्या में बच्चे व ग्रामीण पास के गांव में आयोजित एक भोज (दावत) में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी लोग देशी नाव पर सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बीच धारा में नाव अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गई। नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और उसमें सुरक्षा का कोई भी पुख्ता इंतजाम (जैसे लाइफ जैकेट) मौजूद नहीं था।
14 शव बरामद, युद्धस्तर पर SDRF और गोताखोरों का रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय मल्लाहों और गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कुछ लोगों को सुरक्षित किनारे निकाल लिया गया, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को नजदीकी अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और रातभर गंगा की तेज धारा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अब तक 14 बच्चों के शव नदी से निकाले जा चुके हैं।
नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने जताया गहरा शोक
इस भीषण मानवीय त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि राघोपुर दियारा क्षेत्र में नाव डूबने की खबर अत्यंत मर्माहत करने वाली है और मृतकों में अधिकांश मासूम बच्चे हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर राहत, बचाव और घायलों के समुचित इलाज में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
एक साथ गांव के 14 मासूम बच्चों की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों की चीखों से गंगा घाट का माहौल गमगीन हो गया है। कई घरों के चिराग एक ही पल में बुझ गए, जिससे हर आंख नम है। नदी में अभी भी एहतियातन तलाशी अभियान जारी है
