शिवरात्रि की रात बड़कागांव में खूनी तांडव: बुजुर्ग दंपत्ति की नृशंस हत्या से दहला बादम, पुलिस की कार्यशैली पर अम्बा प्रसाद ने उठाए गंभीर सवाल
खबर का विस्तृत विवरण:
बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत बादम के बाबूपाड़ा में महाशिवरात्रि की पावन रात्रि उस वक्त अभिशप्त हो गई, जब मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना घटित हुई। अपराधियों ने 82 वर्षीय सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी व दिव्यांग वकील दास तथा उनकी धर्मपत्नी झुनियां देवी की गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। इस जघन्य दोहरे हत्याकांड ने पूरे कोयलांचल में भय और आक्रोश का वातावरण निर्मित कर दिया है।
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घटना की सूचना मिलते ही पूर्व बड़कागांव विधायक और कांग्रेस नेत्री अम्बा प्रसाद ने त्वरित संज्ञान लेते हुए घटनास्थल का दौरा किया। वहां का दृश्य और परिजनों का करुण क्रंदन देख उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे पुलिस प्रशासन की घोर विफलता और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का परिणाम बताया। अम्बा प्रसाद ने कहा कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि पुलिसिया इकबाल पर एक करारा तमाचा है।
गौरतलब है कि बाबूपाड़ा गांव विगत कुछ माह से अपराधियों की शरणस्थली बना हुआ है। ठीक दो माह पूर्व, 26 दिसंबर 2025 को इसी गांव के सात घरों में हुई भीषण डकैती की घटना की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि इस दोहरे हत्याकांड ने पुलिस की गश्ती और खुफिया तंत्र की पोल खोल दी है। पूर्व विधायक ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पूर्व में हुई डकैती और पंचायत समिति सदस्य मोहन महतो की हत्या के मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो आज यह बुजुर्ग दंपत्ति जीवित होते।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेत्री ने घटनास्थल से ही झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस अब केवल जांच का आश्वासन न दे, बल्कि समयबद्ध सीमा के भीतर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मिले अहम सुरागों के आधार पर अविलंब कार्रवाई की मांग की गई है।
जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अम्बा प्रसाद ने अपने जन्मदिन के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित नहीं होता, उनका संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।

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