रंग, उमंग और भाईचारे के बीच आरोग्यम परिवार का भव्य होली मिलन समारोह संपन्न
हजारीबाग: रंगों का त्योहार होली केवल उल्लास का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए शहर के डिस्ट्रिक्ट मोड़ स्थित 'एचज़ेडबी आरोग्यम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग' परिसर में रविवार को आरोग्यम ग्रुप की ओर से एक भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
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| हजारीबाग में आरोग्यम परिवार द्वारा आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते नवनिर्वाचित महापौर अरविंद कुमार राणा, निदेशक हर्ष अजमेरा और अन्य गणमान्य अतिथि। |
इस रंगारंग कार्यक्रम में आरोग्यम परिवार के सदस्य, चिकित्सक, नर्सिंग छात्र-छात्राएं, कर्मचारी और शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। पूरा परिसर पारंपरिक होली गीतों, अबीर-गुलाल की खुशबू और आपसी आत्मीयता से सराबोर नजर आया।
महापौर अरविंद कुमार राणा का हुआ भव्य स्वागत
समारोह में हजारीबाग नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर अरविंद कुमार राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। आरोग्यम संस्थान की ओर से उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर और माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में महापौर ने कहा:
"होली का पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देता है। आरोग्यम परिवार स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जो सराहनीय कार्य कर रहा है, उसके साथ-साथ ऐसे आयोजन सामाजिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक समरसता पर जोर
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा, प्रशासक जया सिंह और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रजत चक्रवर्ती सहित अन्य चिकित्सकों ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर किया।
निदेशक का संदेश: अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि आरोग्यम संस्थान बेहतरीन चिकित्सा सेवा देने के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस होली मिलन का मुख्य उद्देश्य संस्थान से जुड़े सभी लोगों के बीच आत्मीयता और समन्वय को बढ़ावा देना है।
प्रशासक के विचार: प्रशासक जया सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों और सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत होता है। इससे एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो मरीजों की सेवा में और अधिक निष्ठा लाती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और व्यंजनों ने बांधा समां
औपचारिकताओं के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ। पारंपरिक फगुआ गीतों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कलाकारों का उत्साहवर्धन किया गया।
इसके साथ ही समारोह में होली के विशेष और पारंपरिक व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी अतिथियों और सदस्यों ने भरपूर आनंद लिया। समारोह का समापन सभी के एक-दूसरे को रंग लगाने, गले मिलने और होली की अग्रिम शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।

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