हजारीबाग: डीसी के 'जनता दरबार' में गूंजे जमीन, मुआवजे और धान खरीद के मुद्दे, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का सख्त निर्देश
हजारीबाग। आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए हजारीबाग समाहरणालय में शुक्रवार को 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। उपायुक्त (डीसी) शशि प्रकाश सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जमीन विवाद, मुआवजा, और कृषि से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए, जिन पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर न्यायपूर्ण कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया है।
जमीन की ऑनलाइन एंट्री में गड़बड़ी: 1 सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट
जनता दरबार में पदमा थाना क्षेत्र के बसुदेव सिंह ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उनकी रैयती जमीन को ऑनलाइन 'पंजी-टू' (Register II) में गलत तरीके से प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने तत्काल पदमा अंचलाधिकारी (CO) को मामले की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोनार नहर परियोजना के मुआवजे की गुहार
विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से आए फरियादी जगदीश गोप ने कोनार नहर परियोजना में अधिग्रहित की गई अपनी भूमि के मुआवजे के भुगतान का मुद्दा उठाया। इस पर उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द निष्पादन करने का आदेश दिया, ताकि रैयत को उसका हक मिल सके।
पैक्स में धान खरीद में आनाकानी पर डीसी सख्त
होंहेमोढ़ा पंचायत के निवासी वेद प्रकाश कुमार ने जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई कि स्थानीय पैक्स (PACS) अध्यक्ष द्वारा किसानों से धान की खरीद नहीं की जा रही है।
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| हजारीबाग समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित 'जनता दरबार' में जिले भर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह। |
किसानों से जुड़े इस अहम मुद्दे पर डीसी ने तुरंत जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया कि वे इस मामले को अपने संज्ञान में लें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
अन्य मामलों पर भी मिले निर्देश
जनता दरबार में इन प्रमुख मामलों के अलावा जमीन की मापी, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और हाथियों द्वारा पहुंचाए गए नुकसान के मुआवजे से संबंधित कई अन्य आवेदन भी प्राप्त हुए।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को अग्रसारित कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मामले को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका विधि-सम्मत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उन्हें निष्पक्ष और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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