झारखंड विधानसभा!हज़ारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने उठाया लोकायुक्त की रिक्ति का मुद्दा, सरकार से की जल्द नियुक्ति की मांग
रांची/हज़ारीबाग: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हज़ारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने राज्य में सुशासन और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण से जुड़ा एक बेहद अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान राज्य में लंबे समय से खाली पड़े 'लोकायुक्त' (Lokayukta) के पद की ओर आकृष्ट कराया और सरकार से इस पर अविलंब नियुक्ति की मांग की।
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| झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में अपनी बात रखते हुए हज़ारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद। |
2021 से खाली है लोकायुक्त का पद
सदन को संबोधित करते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने चिंता व्यक्त की कि झारखंड में 29 जून 2021 से लोकायुक्त का पद रिक्त पड़ा है। इस महत्वपूर्ण अर्ध-न्यायिक (Quasi-Judicial) संस्था के प्रमुख का पद पिछले लगभग तीन सालों से खाली होने के कारण यह संस्था पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है, जिसका सीधा असर राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता पर पड़ रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आम जनता का हथियार है लोकायुक्त
विधायक ने लोकायुक्त संस्था की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि यह व्यवस्था शासन में जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई है। इस संस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि राज्य का कोई भी आम नागरिक किसी भी लोकसेवक (Public Servant) के खिलाफ भ्रष्टाचार या अपनी शिकायत बिना किसी वकील के और बिल्कुल मुफ्त दर्ज करा सकता है।
जवाबदेह प्रशासन के लिए नियुक्ति है जरूरी
प्रदीप प्रसाद ने कहा कि लंबे समय से इस पद के खाली होने के कारण आम लोगों को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए कोई उचित मंच नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यह केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता भर नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के अधिकारों और न्याय व्यवस्था में उनके भरोसे का सवाल है।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार इस विषय की गंभीरता को समझेगी और सुशासन की दिशा में कदम उठाते हुए जल्द ही लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेगी। विधायक ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि वे जनता से जुड़े ऐसे गंभीर विषयों को सदन में लगातार उठाते रहेंगे।

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