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Editor: Naresh Prasad Soni
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पर्यटन के माध्यम से सशक्तिकरण: आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय की अद्वितीय पहल से आदिवासी समुदायों को नई उड़ान

भारतीय पर्यटन विकास निगम और जनजातीय कार्य मंत्रालय का ऐतिहासिक सहयोग। इस पहल का लक्ष्य आदिवासी होमस्टे ऑपरेटरों को प्रशिक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा देना
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पर्यटन के माध्यम से सशक्तिकरण: आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय की अद्वितीय पहल से आदिवासी समुदायों को नई उड़ान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

जनजातीय होमस्टे संचालक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए, जो उन्हें विश्व स्तरीय पर्यटन सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा। स्रोत: पीआईबी

नई दिल्ली दिनांक: 17 मार्च, 2026

पर्यटन क्षेत्र में एक नई सुबह की किरण:

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) और जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के बीच एक ऐतिहासिक सहयोग की शुरुआत हुई है, जिसका उद्देश्य देश के जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना और स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह पहल केवल एक शुरुआत मात्र नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य जनजातीय क्षेत्रों में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षक (Trainers of Trainers) तैयार करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटन प्रशिक्षण का मॉडल तेजी से विस्तारित हो सके और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आजीविका को मजबूत करने का अवसर मिले।

अलगाव को खत्म कर, सहयोग को बढ़ावा:

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह अलगाव की भावना को दूर करने और सार्थक सहयोग के माध्यम से मिलकर कार्य करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। जब जनजातीय कार्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और अतुलनीय भारत मंच (Incredible India platform) जैसे सशक्त संस्थान एक साथ आते हैं, तो हम एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार करते हैं, जो न केवल सतत पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि पूरे देश के समुदायों के लिए आजीविका के नए और विविध अवसर भी सृजित करता है। यह सहयोग सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक आर्थिक विकास के बीच एक संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता का मार्ग:

आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय के बीच यह समन्वय सरकार के समावेशी विकास (Inclusive Growth) और पर्यटन के माध्यम से आजीविका सृजन (Livelihood Generation through Tourism) के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनजातीय होमस्टे संचालकों को आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे अपने मेहमानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रामाणिक अनुभव प्रदान कर सकें। यह समुदाय-आधारित पर्यटन को मजबूत करने में मदद करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह जनजातीय परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करते हुए सार्थक आर्थिक अवसरों का सृजन करके सतत विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस प्रकार, यह पहल न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगी, बल्कि आदिवासी समुदायों की पहचान और आत्म-सम्मान को भी बढ़ाएगी।

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) – एक परिचय:

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) की स्थापना वर्ष 1966 में देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास और विस्तार के उद्देश्य से की गई थी। अपने स्थापना काल से ही, निगम अपने अतिथियों को विश्व स्तरीय सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। होटलों के संचालन के अपने मुख्य कार्य के अलावा, आईटीडीसी ने पर्यटन उद्योग के कई अन्य महत्वपूर्ण गैर-होटल क्षेत्रों में भी अपनी विशेषज्ञता का विस्तार किया है। इसमें टिकट बुकिंग, टूर और ट्रैवल पैकेज, बड़े पैमाने पर इवेंट मैनेजमेंट, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग सुविधाएँ, प्रचार और मुद्रण परामर्श सेवाएं, इंजीनियरिंग परामर्श, भव्य साउंड एंड लाइट शो का आयोजन, साथ ही आतिथ्य शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। आईटीडीसी इन सभी सेवाओं को एक ही छत के नीचे प्रदान करके भारतीय पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर उच्च स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है।

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