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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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पूर्व विधायक योगेंद्र साव कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित

झारखंड कांग्रेस ने अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक योगेंद्र साव को 3 साल के लिए पार्टी से निकाला। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
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पूर्व विधायक योगेंद्र साव कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित
 Yogendra Saw suspension by Jharkhand Congress.

रांची, झारखंड: झारखंड की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 3 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह आदेश प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन डॉ. रामेश्वर उरांव द्वारा जारी किया गया है।
क्यों

क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?

Official letter of Yogendra Saw suspension by Jharkhand Congress.

अनुशासन समिति द्वारा जारी पत्र (पत्रांक: 140/03/2026) के अनुसार, योगेंद्र साव पर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से झारखंड की वर्तमान गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि

योगेंद्र साव सोशल मीडिया पर सरकार के विरुद्ध भ्रामक और अपमानजनक पोस्ट साझा कर रहे थे।

हाल ही में उनके द्वारा किए गए एक फेसबुक लाइव वीडियो में सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों को अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना गया है।

उनके इन कृत्यों से न केवल गठबंधन सरकार में असहजता पैदा हुई, बल्कि कांग्रेस पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुँचा है।

अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन

डॉ. रामेश्वर उरांव द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में बताया गया है कि योगेंद्र साव का यह आचरण कांग्रेस पार्टी की अनुशासन नियमावली की धारा-04 (क) (ख) (ड.) का सीधा उल्लंघन है। साक्ष्य के तौर पर उनके सोशल मीडिया वीडियो को ही आधार बनाया गया है।


राजनीतिक गलियारों में हलचल

योगेंद्र साव झारखंड के एक कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं। बड़कागांव क्षेत्र में उनका अच्छा खासा प्रभाव है। हालांकि, पिछले कुछ समय से सरकार की नीतियों को लेकर उनके बागी तेवर चर्चा में थे। इस निष्कासन के बाद झारखंड की सियासत में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। विशेषकर हजारीबाग जिले की राजनीति पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।

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